उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की रेस में
पंकज चौधरी सबसे आगे
स्थानीय संवाददाता – कैलाश सिंह महाराजगंज
महराजगंज,उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। मौजूदा राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों में पंकज चौधरी प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो शीर्ष नेतृत्व की पहली पसंद के तौर पर उनका नाम उभर कर सामने आया है।
भाजपा के प्रदेश कार्यालय में चल रही बैठकों और अंदरूनी मंथन के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि यदि कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम नहीं हुआ तो पंकज चौधरी के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लग सकती है। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि मौजूदा समय में पार्टी को ऐसे चेहरे की जरूरत है, जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके।
ओबीसी समीकरण बना सबसे बड़ा आधार
पंकज चौधरी को आगे बढ़ाने के पीछे ओबीसी सामाजिक समीकरण को सबसे अहम वजह माना जा रहा है। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा संगठन में सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। ओबीसी वर्ग से आने वाले पंकज चौधरी इस समीकरण में फिट बैठते हैं, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अनुभव और संगठनात्मक पकड़
पंकज चौधरी लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। वे महाराजगंज लोकसभा सीट से कई बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में वित्त राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। संगठन और सरकार दोनों का अनुभव उन्हें अन्य दावेदारों से आगे खड़ा करता है। यही कारण है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ प्रदेश नेतृत्व में भी उनके नाम पर सहमति बनती दिख रही है।
अन्य नाम चर्चा में, पर कमजोर दावेदारी
हालांकि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुछ अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में रहे हैं, लेकिन संगठन के भीतर उनका समर्थन उतना मजबूत नजर नहीं आ रहा। अधिकांश वरिष्ठ नेता इस बात पर सहमत हैं कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में पंकज चौधरी पार्टी के लिए सुरक्षित और संतुलित विकल्प हैं।
2027 की तैयारी का संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नया प्रदेश अध्यक्ष सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं होगा, बल्कि यह 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का स्पष्ट संकेत भी है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ऐसा चेहरा चुनना चाहता है, जो सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ संगठन को चुनावी मोड में ला सके।
अब सबकी निगाहें नामांकन और औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं। यदि अंतिम समय में कोई अप्रत्याशित मोड़ नहीं आता, तो उत्तर प्रदेश भाजपा को जल्द ही पंकज चौधरी के रूप में नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है।

