*पुलिस वाली ओर पूरे थाने की प्रेम कहानी*….
उत्तर प्रदेश के जालौन में यूपी पुलिस का एक शर्मनाक चेहरा सामने आया है।
यहां एक पूरे थाने के सिपाहियों का एक महिला कांस्टेबल के साथ संबंध का धंधा चल रहा था और मीनाक्षी नाम की महिला कांस्टेबल सभी पुलिस अधिकारियों को अपने जाल में फंसा कर पैसे और ज्वैलरी ऐंठती थी और ऐशो आराम की जिंदगी जी रही थी।
इस बात का खुलासा तब हुआ जब अरुण कुमार इंस्पेक्टर की गोली लगने से मौत हो गई।
जांच में पाया कि जिस समय अरुण कुमार को गोली लगी उस समय मीनाक्षी उनके साथ कमरे में मौजूद थी।
और अरुण कुमार ने स्वयं ही खुद को गोली मार ली।
अगले दिन अरुण कुमार का परिवार गोरखपुर से जालौन पहुंचा तो पत्नी ने इस मामले में मीनाक्षी शर्मा पर हत्या की एफआईआर दर्ज करवा दी।
जिसके बाद पुलिस ने भी महिला सिपाही मीनाक्षी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अब इंस्पेक्टर अरुण और सिपाही मीनाक्षी के पीछे की चौंकाने वाली कहानी सामने आ रही है।
बताया जा रहा है अरुण कुठौंद इंस्पेक्टर से पहले जालौन की कोच कोतवाली के इंस्पेक्टर थे।
मेरठ की रहने वाली मीनाक्षी भी कोच थाने में ही तैनात थी।
वहीं से अरुण और मीनाक्षी के बीच नजदीकी बढ़ी थी।
नाम ना छापने की शर्त पर कोच में तैनात रहे एक पुलिसकर्मी ने बताया कि अरुण कुमार राय के कार्यकाल में मीनाक्षी कभी वर्दी नहीं पहनती थी, थाने में ड्यूटी भी कम ही देती थी और बड़े रौब से थाने में घूमती थी।
हर कोई जानता था कि वह अरुण कुमार राय की चहेती है।
अरुण कुठौंद के इंस्पेक्टर बने तो मीनाक्षी कोच थाने की 112 पीआरवी पर तैनात हो गई।
बताया जा रहा है कि मीनाक्षी शर्मा की शादी होने वाली थी और वह अरुण कुमार राय से अपनी शादी में 25 लाख रुपये की डिमांड कर रही थी।
इस तरह धीरे-धीरे वह अरुण पर दबाव डालती रही।
आखिर में तंग आकर अरुण ने अपनी जान ले ली।
जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे वैसे मीनाक्षी के काले चिट्ठे खुल रहे हैं और सामने आ रहा है कि मीनाक्षी के उसी थाने के 9 और पुलिस कर्मियों से संबंध थे।
किसी से ज्वेलरी ली थी तो किसी से एप्पल का मोबाइल।
मीनाक्षी पूरी ऐशो आराम की जिंदगी जी रही थी उनके गले में हाथों में सोने की ज्वेलरी और हाथ में एप्पल का मोबाइल और महंगे महंगे कपड़े पहनती थी।
फिलहाल जांच चल रही है और भी कई चीजें सामने आ रही है और मीनाक्षी अभी सलाखों के पीछे है।

