अखंड नगर थाने के दरोगा शैलेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एफआईआर की प्रति अविलंब कोर्ट को प्रेषित करने का आदेश,एसपी को भी भेजा गया आर्डर
लम्बित फौजदारी निगरानी में सेशन कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक होने के बावजूद दरोगा शैलेंद्र ने कोर्ट आदेश की अवहेलना कर आरोपी गुंजा सोनी की गिरफ्तारी कर कोर्ट में किया गया था पेश,कोर्ट ने कल ही दे दी थी अंतरिम जमानत
आज मामले में सुनवाई कर न्यायाधीश बटेश्वर प्रसाद की अदालत ने दिया कड़ा आदेश,कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज कर अपना मनमाना कानून चला रहे थे अखंड नगर थाने के दरोगा व अन्य पुलिसकर्मी,थानाध्यक्ष संतोष सिंह भी नहीं दे सके अपने अधीनस्थों की करतूत पर ध्यान,
हो गया पुलिस का काम-तमाम
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सुलतानपुर। जमीनीं विवाद को लेकर करीब ढाई साल पहले हुए हमले के मामले में अखंड नगर थाने की पुलिस का अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है। मामले में पुलिस ने कोर्ट आदेश की अवहेलना करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगे होने के बावजूद महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश कर दिया। इस मामले में पुलिस की लापरवाही की पुष्टि होने पर अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट बटेश्वर प्रसाद की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी दरोगा व इस कार्यवाही में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अविलम्ब एफआईआर की प्रति कोर्ट को भेजने का आदेश पारित किया है।
*मामला अखंड नगर थाना क्षेत्र के बेलवाई माधोपुर गांव से जुड़ा है।* जहां के रहने वाले विनय जायसवाल ने 11 अगस्त 2020 की घटना बताते हुए गांव के ही आरोपीगण चंदन,राहुल, कृष्णा,रोशन,साहिल,सोनू,रोहित, मोहन व गुंजा सोनी समेत अन्य के खिलाफ गंभीर आरोपो में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अभियोगी पक्ष ने तेजाब डालने व कुल्हाड़ी एवं अन्य हथियारों से जानलेवा हमला करने सहित अन्य आरोपो में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में बीते 14 फरवरी को संबंधित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपियों को मामले में तलब कराने को लेकर आदेश जारी किया था, जिसकी जानकारी मिलने पर आरोपी पक्ष की ओर से उर्मिला देवी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में फौजदारी निगरानी अर्जी पेश कर तलबी आदेश को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई इस समय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम की अदालत में चल रही है। मामले में सत्र न्यायालय ने बीते 16 मार्च को मामले में सुनवाई करते हुए बीते 14 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट से आरोपियों के खिलाफ हुए तलबी आदेश को स्थगित करते हुए निगरानी अर्जी का निस्तारण ना हो जाने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इस आदेश की जानकारी अखंड नगर पुलिस को भी बकायदा थी,बावजूद इसके प्रकरण की तफ्तीश कर रहे दरोगा शैलेंद्र सिंह ने मामले में सह आरोपी गुंजा सोनी को गिरफ्तार कर वह भी रविवार को छुट्टी के दिन रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दिया और पता नहीं किस नशे में चूर थे दरोगा जी कि उसके लाख कहने के बावजूद एक नहीं सुनी। हालांकि जब गुंजा सोनी के अधिवक्ता ने अपने तर्कों को प्रस्तुत करते हुए मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगे होने के बावजूद दरोगा के जरिए अभियोगी के अनुचित प्रभाव में गिरफ्तारी करने का तर्क कोर्ट में रखा तो मामले में कोर्ट ने आरोपी गुंजा सोनी के साथ हुए इस कृत्य को अत्यंत गंभीर मानते हुए उसे अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया और आज सोमवार की सुबह 11 बजे के लिए आरोपी महिला गुंजा सोनी को पेश होने का आदेश दिया। मामले में आज गुंजा सोनी नियत समय पर पेश हुई और उनके अधिवक्ता ने जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोर्ट आदेश की अवहेलना कर पद का दुरुपयोग करने संबंधी अर्जी देते हुए मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं अभियोजन पक्ष ने पुलिस के जरिए की गई कार्रवाई को जायज बताने का पूरा प्रयास किया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश बटेश्वर प्रसाद ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस की बड़ी लापरवाही मानी और जानबूझकर गुंजा सोनी की गिरफ्तारी किया जाना मानते हुए मामले के विवेचक शैलेंद्र सिंह व इस कार्य में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एफआईआर की प्रति जल्द से जल्द कोर्ट को प्रेषित करने का आदेश थानाध्यक्ष अखंडनगर संतोष सिंह को दिया है। वहीं अदालत ने पुलिस कर्मियों की इस करतूत के बारे में पुलिस अधीक्षक को भी सूचना प्रेषित करने का आदेश पारित किया है। कोर्ट के इस कड़े रुख से पुलिस कर्मियों की मुश्किलें बढ़ना लगभग तय मानी जा रही है और पुलिस विभाग की अपनी करनी की वजह से एक बार फिर किरकिरी हुई है। माना जा रहा है कि पुलिस विभाग पर बेवजह दाग लगाने वाले इन जिम्मेदार पुलिस कर्मियों पर एसपी सोमेन वर्मा भी कड़ा संज्ञान ले सकते है। हालांकि वह क्या करते है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा पर कोर्ट से मुश्किलें बढ़ना तो तय ही है।