दो हजार पांच सौ हवन कुंड
महायज्ञ पर्यावरण को शुद्ध रखने में मददगार:-घनश्याम भारतीय
बल्दीराय,सुल्तानपुर तहसील क्षेत्र के चंदौर गाँव में दो हजार पांच सौ महाकुडं महायज्ञ का आयोजन किया गया।
तहसीलदार घनश्याम भारती महायज्ञ यज्ञशाला में स्थापित सभी देवपीठो का पूजन कर आरती उतारी।
तहसीलदार ने कहा कि यज्ञ मानसिक शक्ति को बढ़ाने और व्यक्ति को भौतिक समृद्धि प्राप्त करने और पर्यावरण को शुद्ध रखने में मददगार एक आध्यात्मिक प्रयोग है ।यज्ञ का प्रभाव मानव को स्वस्थ और संकटों से मुक्ति दिलाने वाला होता है
लक्षचंडी महायज्ञ के दौरान उन्होंने कहा कि यज्ञ का प्रभाव मनुष्य को सुसंस्कृत बना देता है।
मंत्रोच्चारण से निकलने वाली सूक्ष्म तरंगे मानव के शरीर पर प्रभाव डालती हैं ।और चेतना को प्रभावित करती हैं। साथ-साथ यज्ञ कुंड में डाली जाने वाली हवन सामग्री में तमाम जड़ी बूटियां मिली रहती हैं ,जो आग में जलकर सूक्ष्म रूप से हवा के माध्यम से वातावरण में घुलकर समस्त जीवधारी के लिए लाभकारी सिद्ध होती है।
लक्षचंडी महायज्ञ यजन कर्ताओं को शक्ति प्रदान करता है, कार्य कुशलता में वृद्धि करता है, पाप नाशक भी है ।इससे निकलने वाली ऊर्जा से पर्यावरण का शोधन होता
यज्ञ से निकल रही है सकारात्मक उर्जा”
सकारात्मक ऊर्जा के सृजन और पर्यावरण शोधन के साथ मानवीय चेतना को जागृत करने के उद्देश्यों को प्राप्त करते लक्षचंडी महायज्ञ में अब तक एक लाख शक्तिशाली वैदिक मंत्रों की आहुतियां डाली गई।
डाली गई आहुतियो से निकलने वाली सूक्ष्म उर्जा का क्या प्रभाव वातावरण के साथ मानवो पर पड़ा इसकी जानकारी के लिए कार्यक्रम स्थल पर हवा की शुद्धता की “एक्यूआई” पर माप की गई तो सूचकांक 40 पॉइंट मिला जो सबसे बेहतर माना जा सकता है। जबकि कार्यक्रम स्थल से 700 मीटर दूर की शुद्धता 55 पॉइंट और 2 किलोमीटर दूर 73 के बीच देखने को मिली।
चंदौर आश्रम स्थित ब्रह्मचारी जी की समाज पर दर्शन पूजन करने वालों की भारी भीड़ प्रातः 7:00 बजे से रात्रि आरती तक जमा हो रही है लोग पूरी श्रद्धा के साथ अपनी मांगों को लेकर समाज पीठ पर फूल माला चढ़ा रहे हैं।

