ध्वस्त होंगे नाले की जमीन पर अवैध रूप से बने सैकड़ों मकान, प्रशासन ने गठित की संयुक्त टीम
गोरखपुर के गोड़धोइया नाले को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए पीडब्लूडी जीडीए व नगर निगम की संयुक्त टीम इसी सप्ताह सर्वे का कार्य शुरू करेगी। तीनों विभाग मिलकर गोड़धोइया नाले को पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्त कराएंगे।
गोरखपुर में गोड़धोइया नाले पर बने मकानों को तोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है।गोरखपुर शहर के बीचोबीच से होकर गुजरने वाले गोड़धोइया नाले को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए पीडब्लूडी, जीडीए व नगर निगम की संयुक्त टीम इसी सप्ताह सर्वे का कार्य शुरू करेगी। तीनों विभाग मिलकर गोड़धोइया नाले को पूरी तरह अतिक्रमण से मुक्त कराएंगे। करीब नौ किलोमीटर लंबे इस नाले के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर सैकड़ों की संख्या में घर बने हैं। 2016 में भी सीएनडीएस ने सर्वे कर गोड़धोइया नाले को पक्का करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
पीडब्लूडी, जीडीए और नगर निगम संयुक्त रूप से करेगी सर्वे।
खजांची चौक एवं उसके आसपास के इलाकों का पूरा पानी गोड़धोइया नाले में जाता है। यह नाला बिछिया होते हुए रामगढ़ ताल में मिल जाता है। जब भी बारिश होती है अतिक्रमण के कारण नाले का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के मोहल्लों में भर जाता है। बीते दिनों शहर के कई कई मोहल्ले पानी में डूबे तो हाहाकर मच गया। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद जिलाधिकारी ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों को कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया था।
तीन सौ घर टूटेंगे
पीडब्लूडी, जीडीए और नगर निगम को संयुक्त रूप से नाले का सर्वे कर कार्य योजना तैयार करना है। पादरी बाजार, सरस्वतीपुरम, बिछिया समेत कई इलाकों में अतिक्रमण के कारण नाला सीधा न जाकर घूम गया है। नाले में करीब 300 से ज्यादा घर या उसका एक हिस्सा आ रहा है और जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा नाला पूरी तरह साफ नहीं होगा। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि सर्वे करने के बाद नाले में हुए अतिक्रमण को पूरी तरह हटाया जाएगा। इसके बाद ही वहां सफाई अभियान चलेगा। जल निकासी के लिए कुछ जगहों पर पुलिया का निर्माण भी कराया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय प्रशासन को लेना है।
सौ से अधिक शिकायतों के बाद नहीं हट रहा अतिक्रमण
गोड़धोइया नाले में अतक्रमण और जलभराव को लेकर प्रशासन, नगर निगम और जीडीए के पास सौ से ज्यादा शिकायतें पहुंची हैं। शिकायतें दर्ज कराने वालों का आरोप है कि तीनों प्रमुख विभाग जनसमस्याओं को गंभीरता से नहीं लेता। प्रशासन और नगर निगम ने पहले ध्यान दिया होता नाले में अतिक्रमण कर कोई घर नहीं बनवा पाता।अब तो लापरवाही प्रशासन व नगर निगम की भुगतेगी जनता,प्रशासन व नगर निगम पहले से ही ध्यान दिया होता तो इस तोड़ फोड़ की नौबत नही आती।

