गोरखपुर। शहर में लगातार बढ़ते जाम से राहत दिलाने के लिए बुधवार से सी-आरटीसी (रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन) योजना लागू कर दी गई है।
इस नई व्यवस्था के तहत शहर के 10 प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर रूट मार्शल की तैनाती की गई है, जो यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
योजना का मुख्य उद्देश्य पीक आवर्स के दौरान यातायात समय में करीब 20 प्रतिशत तक कमी लाना है।
यातायात निदेशालय के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल के अंतर्गत पांच रूट मार्शल तैनात किए गए हैं।
प्रत्येक मार्शल को दो-दो मार्गों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन रूट मार्शल में टीआई और टीएसआइ को शामिल किया गया हैं, जिन्हें संबंधित थाना प्रभारियों का भी सहयोग मिलेगा।
शहर में बढ़ती वाहन संख्या और अनियोजित यातायात व्यवस्था के कारण लोगों को लंबे समय से जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में प्रमुख चौराहों और सड़कों पर स्थिति अधिक गंभीर हो जाती थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
चिन्हित किए गए मार्गों पर रूट मार्शल पीक आवर में सक्रिय रहेंगे और सड़क पर मौजूद रहकर यातायात को नियंत्रित करेंगे।
वे न केवल जाम की स्थिति को तत्काल सामान्य करने का प्रयास करेंगे, बल्कि दुर्घटना या किसी बाधा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे।
इससे यातायात पुलिस को भी काफी सहूलियत मिलेगी और समन्वय बेहतर होगा।
योजना के तहत रियल टाइम मानिटरिंग की व्यवस्था भी लागू की गई है।
इसके जरिए यातायात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा स्कूल, कालेज और दफ्तरों के छुट्टी समय में 15-15 मिनट का अंतराल लागू कर यातायात दबाव कम करने का प्रयास किया जाएगा।
तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर भी विशेष प्रबंधन किया गया है।
बाहरी वाहनों के लिए शहर के बाहर ही रोकने की व्यवस्था बनाई जाएगी, जहां से यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।
इससे शहर के अंदर अनावश्यक भीड़ को रोका जा सकेगा।
एसएसपी डा. कौस्तुभ ने बताया कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषकर कार्यालय समय और स्कूल-कालेज के समय लगने वाले जाम में कमी आएगी।
साथ ही एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में भी सुगमता होगी।
उन्होंने कहा कि यदि यह योजना सफल रहती है, तो भविष्य में इसे शहर के अन्य मार्गों पर भी लागू किया जाएगा।
फिलहाल सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
ताकि यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।

