” बुढ़ापे में बच्चे आपको खाना नहीं देंगे ,
बल्कि आपके द्वारा दिए गए सँस्कार आपको खाना देंगे ..
कमियां सब में होती है . ,
लेकिन नजर सिर्फ दूसरों में आती है !
जिंदा इंसान को गिराने में और मरे हुए इंसान को उठाने में लोग गज़ब की एकता दिखाते हैं .. !
कभी भी खुबसुरती मत माँगो ..
माँगो तो किस्मत मांगना …
मैंने खूबसूरत लोगो को किस्मत वालो के लिए रोते देखा है
उपवास करे …
खाने का नहीं …
गंदी सोच ,
गंदी नियत …
और गंदे विचारो का .. !
काश लोग समझ जाएँ कि रिश्ते एक दूसरे का ख़याल रखने के लिए बनाये जाते हैं !
एक दूसरे का इस्तेमाल करने के लिए नही …
अगर कोई आपसे उम्मीद करता है ,
तो यह उसकी जरूरत नहीं बल्कि आप पर उसका विश्वास है ….
संसार में भूलों को माफ करने की क्षमता सिर्फ तीन में है
माँ …
महात्मा …
और परमात्मा …
कर्म का गणित बड़ा सीधा और सरल है ,
कर भला तो ,
हो भला
और कर बुरा तो हो बुरा ।
किसी ने मुझसे पूछा की दर्द की कीमत क्या है . ?
मैंने कहा ,
मुझे नही पता मुझे लोग फ्री में दे जाते हैं !
आज का विचार शक्कर को चाहे अंधेरे में खाएं या उजाले में ,
मुँह मीठा ही होता है ।
उसी प्रकार अच्छे कर्मों को हम अनजाने में भी करें ,
तो भी उसका फल मीठा ही होगा ।
हर आदमी की सबसे •
बड़ी कमजोरी उसकी औलाद होती •
जिसके लिये वो झुकता भी है और टूटता भी है*
चाय और चरित्र जब भी गिरते हैं दाग जरूर लगते हैं ।
दुनियाँ वो किताब है ,
जो कभी नहीं पढ़ी जा सकती ,
लेकिन जमाना वो अध्यापक है ,
जो सब कुछ सिखा देता है !!
देखा करो कभी अपनी माँ की आँखों में ,
ये वो आईना है जिसमें बच्चे कभी बूढ़े नहीं होते !
पैसा तो बस जीने के लिए होता है …
हंसने के लिए तो हमेशा दोस्त की जरूरत पड़ती है ..

