रोड सेफ्टी क्लब’ का गठन करने की दिशा में कार्रवाई तेज करें प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए – मुख्यमंत्री
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ वृहद अभियान चलाया जाना जरूरी- मुख्यमंत्री
अमूल रत्न न्यूज़ संवाददाता गोरखपुर की रिपोर्ट
उतारे गए लाउडस्पीकर को पुनः ना लगाने दिया जाए- मुख्यमंत्री
गोरखपुर -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सड़क सुरक्षा/ ट्रैफिक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वह नगर निकायों की नारकी जीवन को बचाने के लिए नगर निकायों के अधिकारियों गोरखपुर मंडल आयुक्त सभागार में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र अपर मुख्य सचिव अमित मोहन वर्मा उपस्थित रहे साथ मे एडीजी जोन अखिल कुमार मण्डलायुक्त रवि कुमार एनजी डीआईजी गोरखपुर परिक्षेत्र गोरखपुर जे रविंद्र गौड़ जिलाधिकारी विजय किरन आनंद एसएसपी डॉ विपिन ताड़ा सीडीओ इंदरजीत सिंह आरटीओ अनीता सिंह अपर आयुक्त अजय कांत सैनी एडीएम वित्त राजेश कुमार सिंह एसपी ट्रैफिक डॉक्टर महेंद्र पाल सिंह नगर आयुक्त अविनाश सिंह सहित एनआईसी में अन्य अधिकारी व प्रदेश के अन्य जिलों व 734 तहसील व निकायों के अन्य अधिकारियों से सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ वृहद अभियान चलाया जाना जरूरी है
एक टीम के रूप में बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाए इसमें सड़क सुरक्षा के विभिन्न घटकों जैसे रोड इंजीनियरिंग, प्रवर्तन कार्य, ट्रामा केयर और जनजागरूकता को समाहित किया जाना उचित होगा।
सीएम ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में एक सप्ताह में हमारा जोर जागरूकता पर हो सड़क सुरक्षा के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता के कार्यक्रम संचालित किए जाएं पब्लिक एड्रेस सिस्टम का अधिकाधिक प्रयोग किया जाना चाहिए
स्कूली बच्चों द्वारा जागरूकता विषयक प्रभात फेरी निकाली जानी चाहिए इस अभियान के उपरांत त्रैमासिक सड़क सुरक्षा सप्ताह का कार्यक्रम सतत जारी रखा जाएगा
उन्होंने कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या को समाप्त करना होगा
प्रदेश में सड़क दुर्घटना से मृत्यु की दर में कमी के लिए बड़े पैमाने पर कार्य करने की आवश्यकता है.
इसके लिए प्रदेश में उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के सभी विद्यालयों में ‘रोड सेफ्टी क्लब’ का गठन करने की दिशा में कार्रवाई तेज करें प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए
प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में अनफिट/बिना परमिट के स्कूली बसों का संचालन नहीं होगा
बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को यातायात नियमों के पालन के लिए विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत है
.ट्रैफिक नियमों के पालन का संस्कार बच्चों को शुरुआत से ही दी जानी चाहिए
यातायात नियमों के संबंध में प्रधानाचार्यों/प्राचार्यों/विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण कराया जाए अभिभावकों के साथ भी विद्यालयों में बैठक हो
पूर्णतः प्रशिक्षित लोग ही सड़क पर वाहन चलाए ड्राइविंग टेस्टिंग प्रणाली के आइटोमेशन की आवश्यकता है
सभी जिलों में ड्राइविंग टेस्टिंग एंड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की स्थापना के प्रयास हो जनपदों में ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का विकास किया जाए वाहन चालान से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए लोक अदालतों का माध्यम अपनाया जाना उचित हो
यातायात विभाग को सशक्त बनाने के लिए पुलिस रेगुलेशन में यथाआवश्यक संशोधन की कार्रवाई की जाए
हर जिले में यातायात विभाग के पास कम से कम 01 इंटरसेप्टर जरूर हों
यातायात विभाग के उच्च अधिकारी फील्ड विजिट करें शहरों में यातायात प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का आकलन करें स्थिति को बेहतर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ संवाद करें नगर विकास विभाग द्वारा बरसात से पूर्व नालों की सफाई करा ली जाए
हर मेडिकल कॉलेज में न्यूनतम 30 बेड के इमरजेंसी ट्रॉमा केयर सेंटर के विकास किया जाना जरूरी है
इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए लखनऊ में यातायात प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना के लिए प्रक्रिया शुरू की जाए
ट्रैफिक पुलिस के साथ यथावश्यक सिविल पुलिस और होमगार्ड के जवानों को जोड़ा जाए
राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की सूचना मिलती है ऐसे में ब्लैक स्पॉट के सुधारीकरण,स्पीड मापन,त्वरित चिकित्सा सुविधा,सीसीटीवी आदि व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत है
सम्बंधित प्राधिकरणों को इस दिशा में गंभीरता से विचार करते हुए कार्य करना होगा
यह सुनिश्चित किया जाए कि राजमार्गों पर ट्रकों की कतारें न लगें एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने की जरूरत है
सीएम ने आगे कहा कि विभिन्न आकलन के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक 33% दो पहिया वाहन चालकों से जुड़े होते हैं.
ये 38% दुर्घटनाओं का कारण ओवरस्पीड, 9% वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना और करीब 6.6% दुर्घटनाएं नशे में वाहन चलाने के कारण होती हैं
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतत जागरूकता के कारण वर्ष 2018 के बाद से सड़क दुर्घटनाओं में कमी देखी जा रही है।
लेकिन आम जनमानस को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कारगर कदम उठाने होंगे तभी जाम की समस्या से निजात मिल पाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि जिन जगहों से लाउडस्पीकर उतार दिया गया है उन स्थानों पर पुनः लाउडस्पीकर ना लगने पाए इसके लिए संबंधित अधिकारीगण बराबर निगरानी करते रहे जिससे पुनः लाउडस्पीकर को ना लगाया जा सके।

