श्रीमदभगवत कथा पुराण भारतीय धर्म और संस्कृति का विश्वकोष, झूम उठे श्रोता
कुशीनगर,जंगल हनुमान गंज (सेमरिया बाज़ार )कटकुइया में 11 अप्रैल से चल रहा श्रीमदभगवत कथा पुराण का कार्यक्रम चल रहा है।इसके आचार्य पं मुकेश पांडेय तथा कथा परीक्षित (श्रोता)श्री चन्द्रिका बर्मा व उनकी पत्नी श्रीमती यशोदा देवी है।आचार्य पं मुकेश पांडेय ने कथा के माध्यम से बताए कि श्रीमद्भागवत पुराण हिन्दू समाज का सर्वाधिक आदरणीय पुराण है। यह वैष्णव सम्प्रदाय का प्रमुख ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में वेदों, उपनिषदों तथा दर्शन शास्त्र के गूढ़ एवं रहस्यमय विषयों को अत्यन्त सरलता के साथ निरूपित किया गया है। इसे ‘भारतीय धर्म और संस्कृति का विश्वकोश’ कहना अधिक समीचीन होगा। सैकड़ों वर्षों से यह पुराण हिन्दू समाज की धार्मिक, सामाजिक और लौकिक मर्यादाओं की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता आ रहा है।उन्होंने कहा कि नवम स्कंध
पुराणों के एक लक्षण ‘वंशानुचरित’ के अनुसार, इस स्कंध में वैवस्वत मनु एवं उनके पाँच पुत्रों के वंश-इक्ष्वाकु वंश, निमि वंश, चंद्र वंश, विश्वामित्र वंश तथा पुरू वंश, भरत वंश, मगध वंश, अनु वंश, द्रह्यु वंश, तुर्वसु वंश और यदु वंश आदि का वर्णन प्राप्त होता है। राम, सीता आदि का भी विस्तार से विश्लेषण किया गया है। उनके आदर्शों की व्याख्या भी की गई है।इसी बीच भगवान कृष्ण के बाललीला का वर्णन सुन श्रोता भावविभोर हो गये।कथा श्रोता सन्तोष,राकेश,अंकित,रमेश,जोखई,काशी आदि ग्रामवासियों ने कथा का भरपूर आनन्द लिये।

