उरुवा ताल से निकलने वाली नहर का किया जाएगा कायाकल्प- डीपीआरओ
आधा दर्जन गांव को जलजमाव से मिलेगा निजात
गोरखपुर।उरुवा ताल से निकलने वाली नहर का होगा कायाकल्प उरुवा ताल से निकलने वाली नहर का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर था जिला अधिकारी विजय किरन आनंद के संज्ञान में आने के बाद अपने मातहतों को निर्देशित किया कि उरुवा ताल से नहर निकलने वाली की कायाकल्प कर दिया जाए जिससे उस क्षेत्र कि आम जनमानस को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी भी मिलता रहेगा और ताल में जमा होने वाले पानी से परेशान होने वाले ग्रामीणों की समस्या का समाधान भी हो जाएगा जिसके लिए डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर के नेतृत्व में स्थलीय निरीक्षण कर कार्य योजना तैयार की जा रही अब उरुवा क्षेत्रवासियों की समस्याओं का स्थाई समाधान हो जाएगा। क्योकि उरुवां ताल बरसात के समय में विकराल रूप ले लेता है, जिससे दर्जनों गांव प्रभावित हो जाते हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लगभग 6 माह तक आसपास के फसल के साथ लोग भी परेशान रहते हैं। उरुवां और आसञपास के दर्जनों गांवों में बरसात में अत्यंत परेशानी का सामना करना पड़ता हैं, जिसको लेकर गांवों के ग्रामीण समय समय पर अपना विरोध प्रकट करते रहे हैं।समस्या इतनी गम्भीर है कि हाल ही में विधानसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया गया था। बहुत मुश्किल से चुनाव के दिन अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण माने थे और दोपहर बाद मत डालने गए थे। उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में उरुवा ताल से नाले तक जल निकासी के लिए रोडमैप बनाने डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर एवं डीपीसी शशिकांत भूषण सिंह द्वारा निरीक्षण किया गया और कार्ययोजना का एस्टीमेट बनाने का निर्देश दिया गया। उरुवा कस्बे में लगभग 100 मीटर अंडरग्राउंड नाले की सफाई उरुवा के ग्राम प्रधान द्वारा कराया जाएगा जल निकासी की समस्या से निजात पाने के लिए लगभग 1 किलोमीटर 300 मीटर की नाले की खुदाई कराई जाएगी। कार्य को अगले दस दिन में जल स्तर कम होते ही प्रारंभ कराया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने इसके लिए ब्लॉक पर समीक्षा की। ये कार्य मनरेगा मजदूर तथा मशीन की मदद से की जाएगी। साथ ही रोजा दरगाह की निर्माणाधीन पंचायत भवन का निरीक्षण कर तत्काल कार्य पूर्ण करने करने का निर्देश दिया।

