पंचमुखी हनुमान जी को ‘तहरी’ (खिचड़ी या भात) का भोग लगाने और मंदिर में चढ़ाने से संकटों से मुक्ति, ग्रह दोष (विशेषकर शनि और मंगल) का निवारण, और अन्न-धन में बरकत का लाभ मिलता है。 इसे सात्विक भोजन और दान का उत्तम रूप माना जाता है।
तहरी चढ़ाने के प्रमुख लाभ:संकट मोचन कृपा: हनुमान जी के पांचों मुख (वानर, नरसिंह, गरुड़, वराह, हयग्रीव) हर दिशा से रक्षा करते हैं,
जिससे शत्रुओं और आकस्मिक संकटों का नाश होता है。
दोषों से शांति: मंदिर में तहरी का भोग लगाकर जरूरतमंदों और भक्तों में बांटने से पितृ दोष, मंगल दोष और शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं。
समृद्धि व आरोग्य: शास्त्रों के अनुसार, गरीबों और भक्तों को अन्न दान करने से घर में बरकत आती है और परिवार में आरोग्य (स्वास्थ्य) बना रहता है।

