देश में हर साल 30 मई को हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है।
बात 1826 की है। देश में ब्रितानी हुकूमत थी।
तब देश में अंग्रेजी, फारसी, उर्दू एवं बांग्ला भाषा में अखबार छपते थे। इसी साल तत्कालीन राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) में कानपुर के रहने वाले वकील पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने 28 मई को अंग्रेजों की नाक के नीचे हिन्दी पत्रकारिता के इतिहास की ‘उदन्त मार्तण्ड’ के रूप में आधारशिला रखी।
उदन्त मार्तण्ड अखबार की नींव पर खड़े हैं हिन्दी पत्रकारिता के बड़े भवन
इसी पर आज हिन्दी पत्रकारिता के भव्य भवन खड़े हैं। साप्ताहिक ‘उदन्त मार्तण्ड’ ने अंग्रेजों की नाक में इस कदर खुजली कर दी की कि उसका प्रकाशन डेढ़ वर्ष से अधिक न हो सका। ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रथम प्रकाशन तिथि की स्मृति में ही हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाकार पंडित जुगल किशोर शुक्ल के योगदान को याद किया जाता है
हम मन कि गहराई से आभार व्यक्त करते हैं अजय कुमार उपाध्याय जी का जो आध्यात्मिक रुप से भी और समाज के हर एक वर्ग के व्यक्ति कि समस्या को उठाते हैं और उनके समाधान के लिए हर संभव कदम उठाने का काम करते हैं जमीनी स्तर से उठकर आज जो पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से काम करने वाले आप सबके दिलों में जगह बनाने वाले अजय कुमार उपाध्याय जी का बहुत बहुत आभार व्यक्त करते हैं

