अच्छा यह बताओ हर व्यक्ति पुलिस पर ही रोब क्यों गाठना चाहता है
मजदूरी कम मिल रही है
तो पुलिस की गाड़ी तोड़ दो किसी भी ट्रक ड्राइवर ने दुर्घटना कर दी तो पुलिस की गाड़ी जला दो किसी की लड़की अपने दोस्त के साथ घर छोड़कर चली गई तो पुलिस की गाड़ी फोड़ दो किसी महापुरुष की मूर्ति टूट गई तो पुलिस की गाड़ी फूंक दो आखिर पुलिस को कमजोर करने से लोगों को क्या मिलता है अब बहुत लोग कमेंट करेंगे कि पुलिस भ्रष्टाचारी है पुलिस किसी की सुनती नहीं है अब यह बताओ कि पुलिस इतना बड़ा संगठन है इसके सभी अधिकारी कर्मचारी इसी समाज से आते तो समाज में अगर भ्रष्ट लोग होंगे तो भ्रष्ट ही तो आयेंगे अच्छे लोग होंगे तो अच्छे आ जाएंगे पुलिस में अच्छे लोगों को लाने के लिए हमें समाज का भ्रष्टाचार खत्म करना पड़ेगा समाज में हमको नैतिकता सिखानी पड़ेगी हम अपने लड़कों को नैतिकता, संस्कार सम्वेदनशीलता सिखाना नहीं चाहते है हम उनको रिश्वत लेना सिखाते हैं पैसा दूसरे की जेब से अपनी जेब में कैसे आए यह सिखाते है हम उनको वह शिक्षा देते हैं जिससे वह आगे जाकर पैसा कमाए ना कि संस्कार तो आप पुलिस में ईमानदार आदमी कहां से आयात करेंगे अमेरिका से फ्रांस से। अब आप यह बताओ कि हम लोग समझते रहते हैं आपने भी देखा होगा कि टेंपो के पायदान पर न लटके मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट लगाओ तेज गति से ना चलाओ दारू पी के ना चलाओ अब कहीं गड्ढा है तेज गति से दारू पी के चल रहे हैं गड्ढे में गिर गए तो आप हमें ही दोष क्यो देते हैं आखिर हम पुलिस वाले हर मर्ज की दवा तो नहीं हो सकते एक मर्ज में एक ही दवा काम करती है आप हमसे चाहते हैं कि आपके घर में तेंदुआ घुस जाए तो हम आ जाए आग लग जाए तो हम आ जाए बाढ़ आ जाए तो हम आ जाए अजगर निकल आए तो हम आ जाए बिजली ना आए तो हम आ जाए अब आप बताओ हम भी तो इंसान हैं सुपरमैन तो नहीं और अब तो थाने में घुसकर किन्नर भी अपना रोब झाड़ने लगे हैं इसलिए कि आप हमें सपोर्ट तो करते नहीं है हमारा विरोध करते हैं हर व्यक्ति पुलिस के पीछे ही क्यों पड़ा रहता है मेरी भी समझ में नहीं आता गाड़ी फूंकने से ना भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा ना पुलिस सम्वेदनशील हो जाएगी भ्रष्टाचार तभी खत्म होगा पुलिस तभी अच्छी बनेगी जब हम अपने बच्चों को संस्कार देंगे और वह पुलिस में आएंगे।

