[06/11, 14:16] Dinesh Pandit: तमकुही रोड,सेवरही,के अंतर्गत विभिन्न गांवों में ,,जैसे राजपुर बगहा,,टिकुलिया,,सेवरही,, बेदुपार,, सिसवा नाहर,,में माताओं बहनों ने धूम धाम से मनाई गोवर्धन पूजा,,एक नजर ,,श्री मद भागवत जी के अनुसार द्वापर युग में भगवान कृष्ण के रूप में देवकी बासुदेव के अंक से कंस मामा के कारागार में अवतरित हो कर बाद में गोकुल में नंद यशोदा के घर में पले बढ़े तथा बाल लीला ,माखन चोरी,, चीर हरण,, गोचारण,,सहित अनेक राजाओं का मान भंग करते हुए अनेक रक्षसो का उद्धार भी किया जब भगवान श्री कृष्ण लीला कर रहे थे तो इंद्र को अभिमान हो गया भगवान ने इंद्र का मन भंग करने के लिए खुद को एक तरफ गोवर्धन के रूप में प्रगट हो कर नंद बाबा और यशोदा मैया से कह कर गोपी ग्वालों से गोवर्धन पूजा कराया तब से लेकर आज तक गोवर्धन पूजन होता चला आ रहा है,, लेकिन गोधन कूटने की परम्परा पर एक नजर डालते हैं,,जिस समय भगवान श्री कृष्ण गोपियों के साथ रास लीला कर रहे थे कि एक राक्षस कुल के गोधन नामक एक व्यक्ति ने आकर काम भाव से भगवान श्री कृष्ण जी से पूछने लगे कि मित्र तुम सावले होते हुए भी क्या करते हो की सारी गोपियां तुमसे प्रसन्न होकर आपार प्रेम करती है मुझे भी कोई उपाय बताओ की मैं भी गोपियों के साथ प्रेम सम्बन्ध स्थापित कर सकूं भगवान ने सोचा कि राक्षस बालक का अंत गोपियों के हाथों करवा देना चाहिए फिर भगवान ने मजाक के लहजे में कहा मित्र तुम गोरे हो तुम आपने पूरे शरीर में कालिख पोत कर शिर पर मिट्टी की हांडी रख कर उसको चुना ,, सिन्दूर,, से टीक कर अपने को सुन्दर बना लो और उनके पास जाओ गोपियां तुमसे प्रसन्न होकर प्रेम सम्बन्ध स्थापित कर लेंगी ,इधर भगवान ने गोपियों को भुला कर कहा कि कल तुम लोगों के पास एक राक्षस आने वाला है तुम सब मुझे भूल कर उसके साथ प्रेम करना और उसके भेस भूसा अनुसार उसका सेवा कर देना,,जब दूसरे दिन गोधन अपने भेस भूसा में पहुंचे की गोपियों ने लाठी,डंडा,,और पहरुआ,,से पिट पीट कर गोधन को मार डाला,,भगवान वहा प्रगट हुए और गोधन के तरफ देख कर मुस्कुराते हुए पूछने लगे मित्र क्या हाल है,,गोधन ने मरते मरते भगवान से एक वरदान मांगा की भगवन मेरी इच्छा तो जीते जी पूरी नहीं हुई लेकिन आज से सभी स्त्रियां,,बिबाहित ,,या अबिबाहित सब मेरे पास वर्ष में एक बार पूरा श्रृंगार करके आए की मैं उनको देख का आपने आत्मा को तृप्त कर सकू भगवान से तथास्तु का आशीर्वाद देकर अपने धाम भेज दिया ,,तबसे गोधन कूटने की यह परम्परा आज तक चली आ रही है,,,,। रिपोर्ट,,लेख,, पण्डित दिनेश तिवारी ब्यूरो प्रमुख कुशीनगर एसीएम न्यूज
[06/11, 14:16] Dinesh Pandit: रिपोर्ट,, पण्डित दिनेश तिवारी ब्यूरो प्रमुख कुशीनगर एसीएम न्यूज