राजधानी लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।
21 वर्षीय अक्षत सिंह को अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या करने, शव के टुकड़े करने और धड़ को नीले ड्रम में छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
जांच के दौरान रोज नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं।
पिता से हुई थी तीखी बहस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में अक्षत ने बताया कि घटना से पहले उसकी पिता से तीखी बहस हुई थी।
कथित तौर पर बहस के दौरान पिता ने लाइसेंसी राइफल दिखाई, लेकिन बाद में उसे रख दिया।
इसके बाद अक्षत ने वही राइफल उठाकर पिता के सिर पर गोली चला दी।
प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी। क्योंकि वारदात के अगले दिन उसने ऑनलाइन चाकू मंगाया था। जिससे यह संकेत मिलता है कि सबूत मिटाने की योजना बाद में बनाई गई।
दुर्गंध रोकने के लिए शव को कपड़ों-रजाई से ढकने की कोशिश
चाकू से शव के टुकड़े करने में सफलता न मिलने पर आरोपी बाजार से आरी खरीदकर लाया।
उसने शव के हाथ और पैर अलग किए और उन्हें अलग-अलग पैकेट में रखकर सुनसान स्थानों पर फेंक दिया।
सिर और धड़ को घर में रखे एक नीले ड्रम में छिपाया गया।
दुर्गंध फैलने से रोकने के लिए शव को कपड़ों और रजाई से ढकने की कोशिश भी की गई।
बहन से कहाः दूर रहो..
पूछताछ में यह भी सामने आया कि अक्षत हाल ही में देखी गई वेब सीरीज ‘वध’ से प्रभावित था और उसी से उसने सबूत मिटाने के तरीके सीखे।
घटना के समय घर में मौजूद उसकी नाबालिग बहन दूसरे कमरे में थी।
गोली की आवाज सुनकर जब वह बाहर आई तो अक्षत ने उसे मामले से दूर रहने को कहा और बोला, “आई विल हैंडल दिस।” पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और संभावित विवादों की भी जांच कर रही है।
कुछ चर्चाएं पिता के कथित निजी संबंधों को लेकर भी हैं।
लेकिन अब तक जांच में ऐसा कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है। परिजनों ने बताया कि अक्षत 12वीं कक्षा तक पढ़ाई में अच्छा था। लेकिन उसके बाद उसने पढ़ाई में रुचि कम कर दी।
शुरुआत में अक्षत ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
उसने दावा किया था कि 20 फरवरी की सुबह उसके पिता दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले थे और फिर उनके मोबाइल फोन बंद हो गए।
पुलिस को अंतिम लोकेशन काकोरी इलाके में मिली।
लेकिन विरोधाभासों के चलते शक गहराया।
सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बयान बदला और अंततः स्वीकार किया कि 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे विवाद के बाद उसने पिता को गोली मार दी।
इस भयावह घटना की प्रत्यक्षदर्शी उसकी बहन थी।
जिसने भाई के आक्रामक व्यवहार और धमकी के कारण कई दिनों तक चुप्पी साधे रखी।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है।

