उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है।
जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। निजामाबाद थाना पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है। जिसने न केवल एक नाबालिग किशोरी की अस्मत लुटाने की साजिश रची।
बल्कि अपने ही पति से उसका दुष्कर्म कराया और इस पूरी हैवानियत का वीडियो भी बनाया।
पुलिस ने इस मामले की मुख्य अभियुक्ता जुगनू पत्नी अब्दुल्ला को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत 14 फरवरी 2026 को हुई थी।
आरोप है कि ग्राम रोवा की रहने वाली जुगनू ने एक नाबालिग किशोरी को अपने झांसे में लिया और उसे बहला-फुसलाकर गंधुवई रोड स्थित एक ईंट भट्ठे के पास बने सुनसान कमरे में ले गई।
यहाँ उसने किशोरी को कमरे में बंद कर दिया और अपने पति अब्दुल्ला को मौके पर बुला लिया।
अब्दुल्ला ने कमरे के भीतर नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस दौरान बाहर पहरा देने या विरोध करने के बजाय, उसकी पत्नी जुगनू मोबाइल फोन से इस पूरी वारदात का वीडियो शूट करती रही। दरिंदगी के बाद आरोपियों ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो वे वीडियो वायरल कर देंगे और उसे जान से मार डालेंगे।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने 16 फरवरी को मु0अ0सं0 50/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) (दुष्कर्म), 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 61(2) (आपराधिक साजिश), 351(3) (जान से मारने की धमकी) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 5L/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचना कर रहे थानाध्यक्ष हीरेन्द्र प्रताप सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति अब्दुल्ला को 19 फरवरी को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन उसकी पत्नी जुगनू फरार चल रही थी। बुधवार (25 फरवरी) को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि जुगनू फरिहा क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने फरिहा पोखरे के पास घेराबंदी की और सुबह करीब 10:45 बजे उसे हिरासत में ले लिया।
इलाके में आक्रोश का माहौल
इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक महिला होकर जुगनू ने कैसे एक अन्य बच्ची के साथ इतनी बड़ी क्रूरता की साजिश रची। लोग इस घटना की निंदा कर रहे है।

