फरीदाबाद में सोहन अपनी पत्नी अंजनी के साथ किराए के कमरे पर रहता था।
सोहन ऑटो ड्राइविंग का काम करता था वहीं पर अंजनी एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी।
पश्चिम बंगाल के मालदा का रहने वाला रियाउल वही सोहन के बगल में ही किराए पर रहता था।
और……
वह भी उसी कंपनी में काम करता था जिसमें अंजनी काम करती थी।
साथ में कंपनी आते-जाते बातचीत करते-करते दोनों के बीच में नजदीकियां बढ़ जाती हैं।
नजदीकी या इस कदर बढ़ती है कि बहुत जल्दी इनके बीच में संबंध भी स्थापित हो जाते हैं।
लेकिन ऐसी चीज बहुत दिन तक छुपाती नहीं है।
और……
ऐसा यहां पर भी हुआ।
कुछ वक्त बाद सोहन को रियाउल और अंजनी के रिश्तों के बारे में पता चल गया।
जिससे सोहन इसका विरोध करने लगा, और लड़ाई झगड़ा बढ़ गए। इसके बाद रियाउल और अंजनी ने मिलकर योजना बनाई की सोहन को रास्ते से हटा देते हैं।
योजना के तहत दोनों सोहन को रेलवे पटरी के किनारे मिलने के लिए बुलाते हैं।
यह कहकर कि तीनों लोग मिलेंगे और शांति से बातचीत करेंगे और कोई हल निकालेंगे।
सबसे पहले रियाउल और अंजनी मिलकर सोहन को शराब पिलाते हैं।
जब वह नशे में धुत्त हो जाता है।
तब पत्थर उठाकर रियाउल लगातार सोहन के सर पर मार कर उसे मौत के घाट उतार देता हैं।
इस घटना को दुर्घटना बताने के लिए सोहन के शव को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर लिटा देते हैं।
थोड़ी देर में ट्रेन आती है और शव को दो टुकड़ों में कर देती है, जिसमें सर भी धड़ से अलग हो जाता है।
शव पूरी तरीके से छत विक्षत हो चुका था।
जिसकी वजह से पहचान नहीं हो पा रही थी।
पुलिस ने 72 घंटे तक इंतजार किया फिर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
तस्वीर अलग-अलग स्थान पर भेजी गई ।
अगले 50 दिन तक कुछ भी पता नहीं चला।
क्योंकि पत्नी अंजनी अपने मायके जा चुकी थी।
और……
उसे लगा था कि अब मामला शांत हो चुका है।
अब कुछ भी नहीं होने वाला है।
लेकिन 50 में दिन के अंदर सोहन का भाई थाने पहुंचता है।
और…….
जाकर अपने भाई के गुमशुदी के बारे में बताता है।
पुलिस वाले को जब तस्वीर दिखाते हैं तो पहचान हो जाती है कि हां यह सोहन का शव था।
पुलिस जब जांच करती है तो पता चलता है।
कि…….
सोहन की गायब होने के तुरंत बाद पत्नी अंजनी अपने मायके चली गई थी।
उसने कहीं पर कोई शिकायत भी नहीं करवाई जिस वजह से पुलिस का सीधा शक पत्नी अंजनी पर गया।
गिरफ्तार करके जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो सारा सच निकलकर बाहर आया।

