अवैध संबंधों की ऐसी कहानी जो आपके होश उड़ा देगी।
उत्तर प्रदेश के इटावा में एक पति द्वारा बीवी और तीन बच्चों को मार दिया गया, और वजह सुनोगे तो यक़ीन नहीं करोगे।
यह कहानी है यूपी, इटावा के लालपुरा मोहल्ले में रहने वाली वर्मा फैमिली की।
मुकेश वर्मा, उम्र 51 साल, दिल्ली से आभूषण लाकर इटावा, कानपुर और आगरा में सप्लाई करते थे।
घर में पत्नी रेखा….. बड़ी बेटी भव्या….. छोटी बेटी काव्या…
और सबसे छोटा बेटा अभीष्ट।
पाँच लोगों का यह परिवार बाहरी दुनिया में खुश और संपन्न दिखता था।
लेकिन हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती।
मुकेश की ज़िंदगी शुरू से ही मुश्किलों और अंधेरे से भरी हुई थी। उसकी पहली पत्नी नीतू की 2003 में कैंसर से मौत बताई गई। नीतू की मौत के बाद टूट चुके मुकेश ने 2006 में रेखा से शादी की। समय के साथ कारोबार बढ़ा…..
लेकिन किस्मत ने फिर पलटी मारी। 2021 में मुकेश का एक भाई था जो इस कारोबार को संभालने में उसकी मदद करता था।
उसका भी निधन हो गया। इसके बाद मुकेश आर्थिक तंगी से जूझता रहा।
जिससे मजबूर होकर इसने अपनी दुकान 16 लाख रुपए में बेच दी।
जिसमें से 15 लाख रुपए इसने रिश्तेदारों को उधार भी दे दिए।
पैसे लौटे नहीं, बल्कि रिश्तों में और भी ज़्यादा कड़वाहट आ गई। मुकेश अंदर से टूट चुका था।
रेखा उसे संभालने की कोशिश करती रही।
लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
फिर आती है 11 नवंबर 2024 की सुबह, एक दिन जो इस परिवार के लिए आख़िरी दिन साबित हुआ।
मुकेश के घर के दोनों कमरों पर ताले लगे हुए थे।
पड़ोसियों ने सोचा कि शायद वो दिल्ली गए होंगे।
लेकिन रात के 8:00 बजे हालात बिल्कुल बदल गए।
जब रेखा और भव्या के फोन के व्हाट्सएप स्टेटस में यह लिखा गया कि अब हमारा परिवार नहीं रहा।
रिश्तेदारों में हड़कंप मच गया।
सबने कॉल किए लेकिन सबके फोन बंद।
इसी दौरान पुलिस कंट्रोल रूम में एक अनजान नंबर से कॉल आती है जिसमें एक आदमी कहता है कि लालपुरा के एक घर में चार शव पड़े हैं।
कॉल करने वाला तुरंत फोन बंद कर देता है।
पुलिस मौके पर पहुँचती है।
ताले तोड़े गए और जो अंदर था उसने सबको सुन्न कर दिया।
नीचे वाले कमरों में रेखा, भव्या, अभीष्ट मृत पड़े थे और ऊपर वाली मंज़िल पर काव्या, जो 16 साल की थी, वह भी मृत पड़ी थी। 😔
लेकिन अब सवाल उठता है कि परिवार का मुखिया मुकेश कहाँ है? तभी रेलवे पुलिस से सूचना आती है कि एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने की कोशिश करता हुआ पकड़ा गया।
और यह व्यक्ति और कोई नहीं बल्कि मुकेश वर्मा था।
जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कबूल कर लिया कि हाँ, उसने ही अपने परिवार को मारा है।
उसने बताया कि वह आर्थिक तंगी से परेशान आ चुका था।
पत्नी से सलाह की और दोनों ने डिसाइड किया कि अब इस दुनिया से चले जाना ही ठीक है।
मुकेश ने बताया कि 10 नवंबर की रात को उसने बच्चों के लिए पिज़्ज़ा मँगाया, जिसमें उसने नींद की दवाइयाँ मिलाईं।
बच्चों और पत्नी के बेहोश हो जाने के बाद उसने सबको गला घोंटकर मार दिया।
लेकिन यह जितनी भी कहानी थी, सब झूठ थी।
सच्चाई जो थी, वह और भी ज़्यादा भयानक थी।
मुकेश की कॉल रिकॉर्डिंग्स में सामने आया कि वह एक महिला से लगातार बातें कर रहा था।
और वह महिला थी स्वाति सोनी।
कानपुर की तलाक़शुदा महिला, दो बच्चों की माँ।
यह वही औरत थी जिससे मुकेश सालों पहले अपनी पहली पत्नी नीतू के थ्रू मिला था।
और जब 2019 में इन दोनों की मुलाक़ात दोबारा हुई तो इन दोनों के बीच में एक अफ़ेयर डेवलप हो गया।
रिश्ता इतने खतरनाक मोड़ पर आ चुका था कि मुकेश ने स्वाति के लिए अपनी दुकान तक बेच डाली और जो 16 लाख रुपए उसे मिले थे, वह स्वाति और स्वाति के बच्चों के ऊपर खर्च कर दिए।
रेखा को भी मुकेश पर शक हो गया था।
इन दोनों के बीच में झगड़े बढ़ने लगे। एक दिन रेखा ने कहा, “अगर तुम ऐसे ही रहोगे तो मैं बच्चों के साथ खुदकुशी कर लूँगी।” और यही वह लाइन थी जिसने मुकेश को यह कांड करने की इंस्पिरेशन दी।
घटना के दिन स्वाति अपने बेटे के साथ इटावा आई थी।
स्वाति से मिलकर मुकेश ने बोला कि मैंने काम कर दिया है।
तुम फिलहाल कानपुर वापस लौट जाओ। स्वाति कानपुर लौट जाती है और मुकेश रेलवे ट्रैक पर मरने का झूठा नाटक करता है।
इसका एम था अपने आप को मेंटली इल (mentally ill) घोषित करने का ताकि ये बाद में छूट जाए।
लेकिन कॉल रिकॉर्डिंग्स, पैसों के लेन-देन और सबूतों से सच्चाई उजागर हो गई।
पता है, इसके बाद एक और बहुत बड़ा खुलासा हुआ।
इसने अपनी पहली पत्नी को भी ज़हर देकर मारा था कैंसर की दवाई के बहाने, और यह सब उसने अपनी दूसरी पत्नी रेखा से शादी करने के लिए किया था।

