बहन-बेटियों की इज्जत पर आंच आए तो आप जाते हैं पुलिस
के पास मगर पुलिसवाला खुद आपके दरवाजे आकर बेटी को उठा ले जाए और दरिंदगी करके फेंक दे तब….!
इस दारोगा अमित मौर्य पर आरोप है कि उसने सोमवार रात एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर घर के बाहर से रात में नाबालिग लड़की को अपनी स्कॉर्पियो में खींचा और फिर उसे सुनसान जगह पर ले जाकर 2 घंटे तक हैवानियत की।
इस घटना में केवल एक दारोगा ही नहीं कई पुलिस वालों की पोल खुली।
आरोप यह भी है कि बालिका को लेकर घरवाले पुलिस चौकी गए तो उनको धमकाया गया।
कानपुर में सचेंडी थाना, जिस इलाके में यह घटना हुई है।
वहां जाने पर FIR तो लिखी गई लेकिन नाम बताने के बावजूद दोनों को नामजद नहीं किया गया।
आखिरकार सोशल मीडिया के जरिए बात शासन तक पहुंची और उसके बाद कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने एक्शन लिया।
डीसीपी को हटा दिया गया।
साथ ही सचेंडी के थानेदार विक्रम सिंह को मुकदमा लिखने में खेल पर सस्पेंड किया गया।
फिर पुलिस ने जांच की और लड़की का बयान लिया तो दारोगा अमित मौर्य और एक व्यक्ति शिवबरन का नाम सामने आया। शिवबरन गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी दारोगा फरार है।
पुलिस की कई टीम दरोगा की तलाश में लगी है।
अगर आरोप सच है तो वह दारोगा जिसे बहन बेटियों की इज्जत की रक्षा करने की जिम्मेदारी सौंप गई थी,
वह अब बलात्कार के जघन्य केस में फंसने के बाद भागता फिर रहा है….!
अब बताइए,
किससे सुरक्षित हैं बहन बिटिया।
बहुत दुःखद शर्मनाक
आरोप यदि सच है……
तो बहुत ही कष्टदायक है।

