मुरादाबाद में नए साल के जश्न के दौरान सत्ता की सहयोगी पार्टी के एक नेता और अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारी के बीच जमकर मारपीट हो गई।
मामला उस वक्त बिगड़ा जब जश्न के दौरान शराब के कई पैग लग चुके थे और बातचीत बहस में बदल गई।
घटना साइड पोस्टिंग में तैनात एक अपर पुलिस अधीक्षक के सरकारी आवास की है।
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले सरकार की दो सहयोगी पार्टियों के नेता ASP के आवास पर न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए पहुंचे थे। कैंप फायर का इंतज़ाम था, खाना-पीना चल रहा था और कुक लगातार व्यंजन परोस रहा था।
तीनों के बीच पुरानी जान-पहचान थी, इसलिए माहौल शुरुआत में काफी सहज रहा।
लेकिन चार पैग के बाद एक नेता ज़रूरत से ज़्यादा बेबाक हो गया। इसी दौरान एक मंत्री को लेकर बातचीत छिड़ी, जिसमें नेता अपनी पार्टी के मंत्री से नज़दीकी संबंधों का बखान करने लगा।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान ASP की ओर से मंत्री को लेकर की गई एक टिप्पणी नेता को नागवार गुज़री।
नेता खड़ा हो गया और अधिकारी से बदसलूकी करने लगा। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, ASP का आपा इस कदर टूटा कि उन्होंने अपने ही आवास पर नेता को लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीट दिया।
मामला मारपीट तक पहुंच गया तो दूसरे नेता ने बीच-बचाव किया। किसी तरह पिटने वाला नेता वहां से जान बचाकर निकल पाया।
इसके बाद ASP ने दूसरे नेता को पकड़ लिया और कैंप फायर से लकड़ी उठाकर उसकी पिटाई शुरू कर दी।
यह नेता भी सरकार के एक सहयोगी दल का पदाधिकारी बताया जा रहा है, जो हाल ही में एक माननीय को ‘पैकेज’ में रशियन महिला उपलब्ध कराने के कथित मामले को लेकर सुर्खियों में रहा था।
हालात इतने बिगड़ गए कि महफिल में मौजूद कॉमन जान-पहचान वालों को फोन कर किसी तरह मामला रफा-दफा कराया गया। फिलहाल घटना को दबाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सत्ता और सिस्टम के इस टकराव की कहानी मुरादाबाद के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

