प्रयागराज
हाईकोर्ट की टिप्पणी : किराये के मकानों में चल रहीं अदालतें, जज भी किराये पर, हाथ से लिखना पड़ता है फैसला
अदालतों को मूलभूत सुविधा देने में सरकार की नाकामी पर हाईकोर्ट का रुख सख्त, मामले में हाईकोर्ट की सात जजों की पीठ 27 को करेगी सुनवाई
महाधिवक्ता ने कोर्ट के रुख को देख खुद ली समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी।
हाईकोर्ट समेत प्रदेश की निचली अदालतों की सुरक्षा तथा अधीनस्थ न्यायालयों में काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों की समस्याओं को लेकर स्वत: कायम जनहित याचिका पर सुनाई का रही हाईकोर्ट के सात जजों की वृहदपीठ ने यह टिप्पणी महाधिवक्ता और सूबे के कई आला अधिकारियों की मौजूदगी में की। कोर्ट के आदेश के बावजूद समस्या का निदान करने में विफल सरकार व कोर्ट में उपस्थित हर विभाग के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में पीठ ने न्यायालयों की स्थिति और सरकार की नाकामी गिनाई।
महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कोर्ट से कहा कि वह पहली बार इस केस की सुनवाई में आए हैं। इस कारण उन्हें कुछ समय दिया जाए ताकि वह अधिकारियों से वार्ता कर सभी समस्याओं का हल निकाल सकें। कोर्ट ने महाधिवक्ता का अनुरोध स्वीकार कर इस केस की सुनवाई के लिए 27 अक्तूबर की तिथि तय की है।

