उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे प्रतापगढ़ जिले के बेलगाम अफसर।
डीएम के आदेश को दरकिनार कर समाज कल्याण अधिकारी प्रतापगढ़ ने शिकायत के 3 माह बाद भी नहीं की मामले की जांच।
विकासखंड बाबागंज के भैसाना गांव की कुसुम देवी ने छद्म तरीके से कुंडा तहसील से अनुसूचित जाति का बनवा लिया है प्रमाण पत्र।
कपटपूर्ण तरीके से कुसुम द्वारा बनवाए गए प्रमाण पत्र की शिकायत भैसाना गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र मौर्य पुत्र राम मनोहर मौर्य ने एक दर्जन ग्रामीणों के शपथ पत्र के साथ जून के महीने में डीएम प्रतापगढ़ से की थी।
ज्ञानेंद्र का है कहना कि कुसुम के माता – पिता के बारे में नही है किसी को जानकारी,
मूलतः बिहार राज्य की रहने वाली कुसुम ने खुद को तीरथ की पत्नी बताकर बनवा लिया है अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र
ज्ञानेंद्र की शिकायत पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी प्रतापगढ़ को सौंपी है मामलें की जांच।
लेकिन 3 महीने से अधिक का समय बीत जाने पर भी समाज कल्याणअधिकारी ने मामले की जांच करना नही समझा मुनासिब।
शिकायतकर्ता का है कहना कि समाज कल्याण अधिकारी के बाबू ने बताया कि गायब हो गई है फाइल, जिससे नही हो पाई है अब तक जांच
मामलें पर महज गोलमोल जवाब दिए समाज कल्याण अधिकारी राजीव कुमार, कभी कहे कि एसडीएम कुंडा करेंगे जांच तो कभी बोले कि शिकायतकर्ता से हो गई है मेरी बात,जांच में देरी का नही दे पाए समाज कल्याण अधिकारी कोई जवाब
बड़ा सवाल सरकार एवं जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के आदेश को ठेंगा दिखाने वाले बेलगाम अफसरों पर कब होगी कार्रवाई?????
*सुमन पांडे*
*अमूल्यरत्न न्यूज*

