संघ का शताब्दी वर्ष: “व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की सतत
साधना”—अतुल लिमये
महराजगंज। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने कहा कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक सतत प्रक्रिया है, जो व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज और देश को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।
शुक्रवार प्रातः 9 बजे राज विलास रिसोर्ट में आयोजित इस गोष्ठी का शुभारंभ अतुल लिमये ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में संघ के इतिहास, उद्देश्य और कार्यपद्धति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि संघ का स्वयंसेवक परिश्रमी, अनुशासित और निरहंकारी होता है। यही गुण उसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनाते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति के भीतर गुणात्मक विकास करना है, जिससे वह समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी बन सके।
*“पंच परिवर्तन” से सशक्त राष्ट्र का मार्ग*
अपने उद्बोधन में अतुल लिमये ने “पंच परिवर्तन” की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए बताया कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भावना और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता—इन पांच क्षेत्रों में बदलाव लाकर देश को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब समाज का हर व्यक्ति इन मूल्यों को अपनाएगा, तब व्यापक परिवर्तन स्वतः दिखाई देगा।
*विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी भागीदारी*
कार्यक्रम का संचालन जिला प्रचार प्रमुख जीवेश ने किया। गोष्ठी में डॉ. बलराम भट्ट, डॉ. रामगोपाल, डॉ. परशुराम गुप्त, ब्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी, डॉ. कृष्णा साहनी, डॉ. प्राची कुशवाहा, डॉ. अर्चना, अर्चना चौबे, रत्ना मिश्र, शालिनी मिश्रा, डॉ. शांति शरण मिश्र, रामप्रवेश, उषा उपाध्याय सहित समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश, सह प्रांत प्रचारक सुरजीत, जिला संघचालक रामशंकर, सह जिला संघचालक भागवत, सह विभाग प्रचारक अजीत, सह विभाग कार्यवाह शिवाकांत, जिला प्रचारक विनय, जिला कार्यवाह शिवचरण, सह जिला कार्यवाह अनिल, रणजीत, विमल, शेषमणि, दुर्गेश, रामचन्द्र, आलोक, दीपक, अंकुर, विशाल, धनंजय, योगेन्द्र, सूरज, हृदेश, अटल, आदर्श, इंद्रजीत, विनोद, चन्दन, देवेश, सुनील, ज्योतिषमणि, शिवम् आर्यन, राघवेन्द्र, अविनाश सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को लेकर पूरे जनपद में उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, किसान, व्यापारी, शिक्षक, युवा, महिलाएं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

