याद रखियेगा की जीतेन्द्र पासवान पर हत्या का मात्र एक मुकदमा 265/21, थाना -विजयीपुर, दर्ज था और उनको अभी सजा हो चुका है!
जबकि मुख्यमंत्री के चहेते विधायक जी पर 4 – 4 हत्या का मुकदमा दर्ज है –
18/2010, थाना – गोपालगंज टाउन
49/2012, थाना – हथुआ
149/2017, थाना – फूलवरिया
43/2020, थाना – हथुआ
Reference : Election Affidavit, 2025 Bihar Assembly Election.
सबसे आश्चर्य की बात यह है की ये सभी मुकदमा इनके विधायक और नितीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते दर्ज हुआ है और इन चारों हत्या के मुकदमा में अभी तक पुलिस को जांच पूरा नहीं करने नहीं दिया गया है।
जबकि इन चारों मुकदमा के बाद जीतेन्द्र पासवान पर दर्ज होने वाला हत्या का एक मात्र मुकदमा 265/2021 में उनको आजीवन कारावास का सजा हो चूका है!
सोचिये अगर सबके लिए कानून बराबर होता तो फर्जी मसीहा बनने वाले विधायक जी अभी कहाँ होते?
कैसे मान लें की कानून सबके लिए एक सामान है?
गोपालगंज जिला में कुछ पत्रकार लोग पत्रकारिता नहीं नेताजी का दलाली और चापलूसी कर रहे हैं?
कुछ निजी लाभ के लिए पत्रकारिता धर्म को गिरवी रख दिए हैं?
उनकी औकात नहीं है जो एक कुख्यात अपराधी को जिसपर अबतक गंभीर धाराओं में दर्जनभर से ज्यादा मुकदमा दर्ज है, जिसमे 4 – 4 मुकदमा हत्या का है, को अपराधी कह दें?
जबकि नेताजी सिर्फ एक सामान्य अपराधी नहीं हैं बल्की पुरे गोपालगंज जिला के अपराधियों के गिरोह का सरदार हैं?
जमीन कब्ज़ा तो इनके लिए
छोटी बात है।
अगर ठीक से जाँच हो तो ऐसे ऐसे अपराध सामने आएगा जो गोपालगंज की जनता सोच भी नहीं सकती है?
गोपालगंज सहित पुरे बिहार के जनता से हम अपील करते हैं कि सरकार के द्वारा किये जा रहे अन्याय और संस्थागत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाइये नहीं तो आप अपने आप से आँख नहीं मिला पाइयेगा!
जब आपके बच्चे पूछेंगे तो जवाब नहीं दे पाइयेगा और आंख नहीं मिला पाइयेगा!

