“वास्तव” फिल्म में पुलिस अधिकारी बने दीपक तिजोरी, संजय दत्त को समझाते हैं कि…! “अपराध की दुनिया को छोड़ दो अन्यथा किसी दिन पकड़े जाओगे या एनकाउंटर हो जायेगा!”
पलटकर गैंगस्टर संजय दत्त, दीपक तिजोरी से पूछता है!
“मुझे पकड़ेगा कौन..? यह तुम्हारी निकम्मी पुलिस, जो मेरे सामने कुत्तों की तरह दुम हिलाती है!”
पुलिस अधिकारी बने दीपक तिजोरी ने बहुत सुन्दर जवाब दिया था…
“पुलिस निकम्मी नहीं है, तेरे ऊपर भ्रष्ट, गद्दार और सत्तालोलुप नेताओं का हाथ है। जिस दिन कोई ईमानदार नेता सत्ता संभालेगा, उस दिन यही पुलिस तुझे कुत्तों की तरह घसीटते हुए ले जायेगी। आज इन भ्रष्ट और निकम्मे नेताओं ने पुलिस के हाथ बांध रखे हैं!”
👆🏻ये उदाहरण इसलिए दिया है ताकि आप याद कर सकें वह वक्त….!
जब आज़म खान ने तीन घंटे एक S.S.P. को अपने घर के बाहर खड़ा रहने का आदेश दे दिया था।
जब आज़म खान ने जिला कलेक्टर से जूते साफ करवाने की बात कही थी।
जब मुख्तार अंसारी ने कोतवाली में ताला डलवा दिया था।
जब अतीक अहमद ने बीस पुलिस वालों को अपने घर में कैद कर लिया था।
जब इनके मुकदमो को सुनने से जज और मजिस्ट्रेट भी मना कर दिया करते थे।
लेकिन, फिर वक्त बदला…
एक ईमानदार संन्यासी, नेता बनकर प्रदेश की गद्दी पर बैठा। देखते-देखते सब कुछ बदल गया, असहाय सी लगने वाली पुलिस, इनको घसीट-घसीट कर थानों में लाने लगी, इनके घर में घुसकर ढिंढोरा पीटने लगी। नीलामियां होने लगी, धड़ाधड़ बुलडोजर चलने लगे, बड़े से बड़े माफिया और डाॅन एनकाउंटर में मारे जाने के डर से सरेंडर करने लगे।
सच तो ये है कि जब सत्ता पर बैठा व्यक्ति निष्ठावान और चरित्रवान होता है तो सबकी खुशहाली होती है, समाज का उत्थान होता है।
अतः धर्मप्रेमी बनिए! याद रखें, धर्म सुरक्षित रहेगा तभी आप सुरक्षित रहेंगे।

