ब्रेकिंग आजमगढ़: 28 साल बाद जिलाधिकारी दिलाएंगे #चपरासी की पत्नी और पुत्री को न्याय/28 साल पहले कलेक्ट्रेट के चपरासी राधेश्याम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तभी से पत्नी अपने हक हिस्सा के लिए लड़ाई लड़ रही
आजमगढ़ के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार कलेक्ट्रेट में चपरासी के पद पर कार्यरत रहे राधेश्याम सिंह की विधवा पत्नी और उनकी पुत्री को न्याय दिलाने का काम करेंगे।
बता दें कि 28 साल पहले कलेक्ट्रेट के चपरासी राधेश्याम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तभी से पत्नी अपने हक हिस्सा के लिए लड़ाई लड़ रही है।
तो वहीं उनकी पुत्री पिता के मरने के बाद मृतक आश्रित में नौकरी पाने के लिए दर दर भटक रही है।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने मृतक चपरासी राधेश्याम सिंह की पत्नी और उनकी पुत्री की पूरी बात सुनी, और फाइल को आगे बढ़ाते हुए पुत्री प्रियंका सिंह को मृतक आश्रित में नौकरी दिलाने की कार्रवाई शुरू करा दिया है।
मृतक राधेश्याम की पत्नी शकुंतला देवी का कहना है कि उनकी पुत्री प्रियंका है।
वर्ष 2006 में उन्होंने प्रियंका के 20 वर्ष की आयु होने संबंधी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए थे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमारे पति स्वर्गीय राधेशाम सिंह के दूसरे भाई फूलचंद जमीन हमारी हड़पने के लिए गलत बयान देते हुए, कह रहे हैं कि प्रियंका उनकी सगी पुत्री नहीं हैं।
मगर प्रियंका हमारी जन्मी पुत्री हैं और हमारे पास कक्षा एक से लेकर हाईस्कूल तक के सभी प्रमाणपत्र सुरक्षित हैं।

