पिता को गोली मारी, बहन को चार दिन तक घर में बंद रखा, पिता के टुकड़े कर लगाता रहा ठिकाने, लखनऊ में नीले ‘ड्रम कांड’ की खौफनाक इनसाइड स्टोरी
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स्थानीय संवाददाता……
लखनऊ में बीबीए छात्र ने शराब कारोबारी पिता की हत्या कर दी। इसके बाद लाश के टुकड़े किए।
हाथ-पैर ठिकाने लगा दिए, जबकि सिर सहित धड़ ड्रम में मिला है। आरोपी ने पिता को नीट की पढ़ाई का दबाव बनाने पर गोली मारकर हत्या की थी।
आरोपी ने जब पिता की हत्या की तब छोटी बहन भागकर कमरे में पहुंची लेकिन आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया और अपनी बहन को चार दिन तक घर में बंद करके रखा।
20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे घर के अंदर पिता और बेटे के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर बेटे अक्षत ने अपने ही पिता मानवेंद्र को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी।
गोली लगते ही मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
उस समय घर में मौजूद छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। आवाज सुनकर जब वह बाहर आई तो सामने पिता का निर्जीव शरीर पड़ा था।
यह दृश्य किसी भी बेटी के लिए जिंदगी भर का सदमा बन सकता है।
मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं और जालौन में रहते हैं।
सूचना मिलते ही पहुंचे। परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना के बाद जो हुआ।
उसने सबको और ज्यादा झकझोर दिया।
आरोपी बेटे ने बताया कि उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की।
पहले वह शव को कार से गोमती नदी में फेंकने का सोच रहा था, लेकिन अकेले यह संभव नहीं हुआ।
फिर उसने आरी लाकर शव के टुकड़े कर दिए।
हाथ-पैर अलग फेंक दिए और धड़ को घर में लाकर एक नीले ड्रम में रख दिया।
इससे पहले कि वह इसे कहीं और ले जाता, मामला खुल गया।
पूछताछ में अक्षत ने कहा कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
उसके अनुसार, पिता उस पर नीट निकालने का दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर तनाव था।
उसका दावा है कि विवाद के दौरान पिता ने राइफल तान दी थी और छीना-झपटी में गोली चल गई।
हालांकि, शव के टुकड़े करने को लेकर वह कुछ नहीं बोला।
पुलिस ने ड्रम, आरी, कार और अन्य सामान कब्जे में ले लिया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है।

क्या संवाद की कमी, बढ़ता दबाव और गुस्सा किसी परिवार को इस हद तक तोड़ सकता है?
एक पल का आवेश कई जिंदगियां बर्बाद कर देता है।
अब एक पिता नहीं रहे, एक बेटा जेल में है, एक बहन सदमे में है और पूरा परिवार टूट चुका है।

