सिर्फ कागजातों में चल रहा पंचायत भवन का निर्माण, जमीनी हकीकत सिफर
महराजगंज। निचलौल विकास खंड क्षेत्र के गांवों में पंचायत भवन को मिनी सचिवालय के रूप में परिवर्तित पंचायत भवनों का निर्माण कार्य जिम्मेदारों के फाइलों में चल रहा है। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हालांकि उच्चाधिकारियों द्वारा जिम्मेदारों की बैठक कर पंचायत भवनों का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के लिए बार-बार चेतावनी दी जा रही है। फिर भी जिम्मेदारों के ऊपर उच्चाधिकारियों की चेतावनी का असर देखने को नहीं मिल रही है।
जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2020-21 में क्षेत्र के 21 गांवों में लाख की लागत से पंचायत भवनों का निर्माण कराने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते वित्तीय वर्ष समापन के बाद भी महज 12 पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूरा कराया जा सका है। वहीं, दो गांव रमपुरवां और दुर्गवलिया में जमीन के विवाद के चलते अभी पंचायत भवन की नींव तक नहीं पड़ सकी है। जबकि पांच गांव सिधावे, मैरी, कड़जा, कनमिसवां और बड़हरा चरगहा का निर्माण कार्य जिम्मेदारों की फाइलों में तेजी से चल रहा है। इतना ही नहीं, दो गांव इटहिया और मोजरी में पंचायत भवन का निर्माण अभी शुरुआत होने को है। मैरी गांव के ग्राम प्रधान कोइली के पति खदेरू प्रसाद का कहना है कि उनके कार्यकाल से पहले पंचायत भवन के निर्माण कार्य के लिए मोटी रकम निकासी कर ली गई है। जबकि अभी भी पंचायत भवन में छत लगाने के अलावा काफी कार्य अधूरे पड़े हैं। रकम कम होने के चलते निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। वहीं, सिधावे गांव के ग्राम प्रधान गिरिजेश पटेल ने कहा कि उनके कार्यकाल से पहले जिम्मेदारों द्वारा पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूरा दिखाकर आईडी लॉक करा दी गई थी जिसके चलते निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। दो दिन पहले फिर आईडी को मशक्कत कर खोलवाया गया है। दिपावली बीतने के बाद पंचायत भवन का निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
तेजी से चल रहा पंचायत भवनों का निर्माण कार्य
एडीओ पंचायत अशोक कुमार वर्मा से मामले की जानकारी लेने पर बगैर स्थलीय निरीक्षण किए ही उन्होंने फाइलों में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 21 पंचायत भवनों का निर्माण कराया जाना था जिसमें से 12 का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है। जबकि पांच का निर्माण कार्य अंतिम रूप में चल रहा है। वहीं, दो भवनों का अभी शुभारंभ हुआ है। जबकि दो जमीन विवाद के चलते अभी शुरू नहीं हो सका है।
इन गांवों में जर्जर हालत में है पंचायत भवन
एडीओ पंचायत ने कहा कि क्षेत्र के कुल 108 गांवों में पंचायत भवन बनना तय है। जिसमें 90 पंचायत भवन वर्तमान में सक्रिय है। जबकि नौ पंचायत भवन बनकटवा, बिसोखोर, लोड़िया, भेड़िया, जयश्री, कटहरी खुर्द, बलहिखोर, रामनगर, ओबरी में पंचायत भवन जर्जर की हालत में है। पांच का निर्माण कार्य अपने अंतिम रूप में है। दो का कार्य अभी शुरू हुआ है। दो जमीन विवाद में उलझा है।
सभी निर्माणधीन पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया है। केवल मरम्मत वाले ही कुछ पंचायत भवनों का निर्माण कार्य अधूरा है जिसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा।

