जिलाधिकारी के निर्देषानुसार प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के 50 मरीजों को सीएमएस व चिकित्सकों ने लिया गोद
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम : गोद लिए टीबी मरीजों को बांटी पोषण सामग्री
•क्षय रोग का सम्पूर्ण इलाज अहर्ता प्राप्त चिकित्सक की देख – रेख में ही पूर्ण कराएं
•समय पर लक्षणों की सही पहचान करना ही टीबी से जंग जीत हासिल करना है : डीटीओ।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में बुधवार को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय परिसर में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने टीबी के 50 मरीजों को गोद लोकर पोषण सामग्री वितरित की। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टाहार के साथ-साथ नियमित रूप से दवा खाने के लिए क्षय रोगियों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी ली है।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. रेनू शर्मा ने बताया कि महिला चिकित्सालय अस्पताल में टीबी उन्मूलन के सम्बन्ध में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महिला चिकित्सालय की ओर से 50 टीबी मरीजों को गोद लिया गया। उनका कहना है कि क्षय रोगियों को प्रति माह खाने की पोष्टिक वस्तुएं देने का संकल्प लिया गया। इसी क्रम में चिकित्सालय के सभी कर्मचारियों ने सहयोग किया। साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग के पास सहयोगी संस्थाओं के नम्बर है। आगे भी प्रति माह पोषण सामग्री वितरित करते रहेगें। इससे जनता में टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि गोद लेने वालों में टीबी मरीजों को मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका व चिकित्सक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोषणा की है जो प्रत्येक मरीज जो टीबी से ग्रसित है उनको गोद लिया जाए और उन मरीजों की देखभाल की जाए और साथ ही पोषण भी वितरित किया जाए। उन्होंने कहा कि जितने भी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ कार्यरत हैं उनको भी कम से कम एक या उससे अधिक टीबी मरीजों को गोद लेने का कार्य करना चाहिए। जिससे की 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने में मदद मिले।
उन्होंने कहा कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। सही समय पर उपचार कराने, नियमित दवा और पौष्टिक पोषाहार का सेवन करने से टीबी से छुटकारा आसानी से मिल सकता है। जिससे वह अपने परिवार के अन्य लोगों को भी इस बीमारी से बचा सकते हैं।
डीटीओ ने क्षय रोगियों से आह्वान किया कि सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करें। इससे टीबी संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षय रोग का सम्पूर्ण इलाज ही अहर्ता प्राप्त चिकित्सक की देख रेख में ही पूर्ण कराये। ताकि समय पर लक्षणों की सही पहचान कर टीबी से जंग जीत हासिल की जा सके।
उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. इमरान सिद्दीकी का कहना है कि टीबी मुक्त भारत अभियान प्रधानमंत्री का 2025 का जो सपना है। उसको पूरा करने के लिए क्षय रोग विभाग लगातार टीबी मरीजों की खोज करने में जुटा हुआ है। कहना है कि अगर जनपद में सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा, तो जनप्रतिनिधि अपनी सहभागिता निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीबी मरीज गोद लिए 50 मरीजों को पोषण सामग्री या स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किसी भी तरह की परेशानी आती है, तो उसके लिए क्षय रोग विभाग की ओर से जो फोन लोगों को जाता है उस पर आप अपनी समस्या बताएं। जिसका निराकरण तत्काल कराने का कार्य किया जा सके।
जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेन्द्र कुमार ने बताया कि जनवरी से अब तक कुल 12758 क्षय रोग के मरीज हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट द्वारा जनवरी माह से दिसम्बर माह तक का जनपद में टीबी मरीजों को खोजने का लक्ष्य 12500 का है जबकि लक्ष्य प्राप्त करते हुए 12758 शत प्रतिशत करके उच्च स्थान पर हैं उन्होंने कहा कि गोद लेने वालों में महिला चिकित्सालय अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका के साथ-साथ अन्य चिकित्सक भी क्षय रोगियों को गोद लेकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेन्द्र कुमार, डॉ. पीके शर्मा, डॉ. तैयब एवं डीआईओ मैनेजर मुनाजिर हुसैन, जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर पीयूष अग्रवाल व डेविड कुमार शाही, कुलदीप शर्मा, विशाल विक्रम सिंह, देश दीपक, संजय सिंह, चिकित्सालय की एलटी रेखा और अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे

