जम्मू में राहुल गांधी ने मंच से लगाया ‘जय माता दी’ का नारा, कार्यकर्ताओं से बोले- मैं कश्मीरी पंडित हूं
जम्मू कश्मीर पहुंचे राहुल गांधी ने शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मंच से राहुल गांधी कार्यकर्ताओं से ‘जय माता दी’ का नारा लगवाते नजर आए। जम्मू शहर में कांग्रेस नेता मंच पर मौजूद थे। इस दौरान राहुल गांधी ने मंच से कहा ‘जय माता दी’। हालांकि इसपर राहुल गांधी को पार्टी कार्यकर्ताओं से जवाब नहीं मिला। राहुल गांधी ने कहा कि ‘बोलिए’…इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के साथ ‘जय माता दी’ के नारे लगाए। राहुल गांधी ने यहां कहा, ‘मैं एक कश्मीरी पंडित हूं। मेरा परिवार कश्मीरी पंडित है। कश्मीरी पंडितों का एक प्रतिनिधि मंडल मुझसे मिला और उन्होंने कहा मुझसे कहा कि कांग्रेस ने उनके लिए बेहतरीन कल्याण योजनाएं चलाए लेकिन बीजेपी ने कुछ नहीं किया। मैं अपने कश्मीरी पंडित भाइयों से वादा किया है कि मैं उनके लिए कुछ करूंगा।’
इससे पहले राहुल गांधी ने गुरुवार को कटरा से वैष्णो देवी तक पैदल यात्रा की थी। उनके साथ कई श्रद्धालु भी मौजूद थे। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। इस वीडियो में नजर आ रहा था कि श्रद्धालुओं के साथ राहुल गांधी वैष्णो देवी मंदिर तक गए। उनके साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। यहां जब मीडिया ने राहुल गांधी से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की थी तब उन्होंने कहा था कि मैं यहां माता की पूजा करने आया हूं। मैं किसी भी तरह की राजनीतिक बात नहीं कहना चाहता हूं। राहुल गांधी यहां श्रद्धालुओं से बातचीत करते नजर आए थे। अगस्त 2019 में केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त कर दिया था। इसके बाद से राहुल गांधी का यह दूसरा जम्मू कश्मीर दौरा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जम्मू कश्मीर की मिली-जुली संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। गांधी ने जम्मू के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन यहां कांग्रेस के एक कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ”आप सभी में प्रेम, भाईचारा और मिली-जुली संस्कृति की भावना विद्यमान है। मुझे दुख है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”वे (आरएसएस, भाजपा) प्यार और भाईचारे पर हमला करते हैं…आप कमजोर हो गए और परिणामस्वरूप, उन्होंने आपके राज्य का दर्जा छीन लिया। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरणा लेती है।” कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के एक दिन बाद कांग्रेस नेता ने उपस्थित कार्यकर्ताओं के समक्ष ‘जय माता दी के नारे लगाकर उन्हें प्रोत्साहित किया। गांधी ने कहा, ”मैं कल माता वैष्णो देवी मंदिर गया था। वहां माता (पिंडी) के तीन प्रतीक हैं- दुर्गा जी, लक्ष्मी जी और सरस्वती जी।
… दुर्गा मां, मतलब वो शक्ति, जो रक्षा करती है। लक्ष्मी की हम क्यों पूजा करते हैं – लक्ष्मी शब्द कहाँ से आता है…लक्ष्मी का मतलब, वो शक्ति जो लक्ष्य को पूरा करती है। अगर आपका लक्ष्य पैसा है, तो फिर जो आपने बोला, वो सही है। अगर आपका लक्ष्य कुछ और है, तो उस लक्ष्य को पूरा करने का काम जो शक्ति काम करती है, उसको हम लक्ष्मी कहते हैं। और सरस्वती, वो भी एक शक्ति है। विद्या, ज्ञान, नॉलेज जिसको हम कहते हैं, वो सरस्वती है।”
कांग्रेस नेता ने कहा, ”जब ये तीनों शक्तियां आपके घर और देश में होंगी, तो आपका घर और देश तरक्की करेगा।” उन्होंने कहा कि हालांकि, भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के (संपत्तियों के) मुद्रीकरण और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसी नीतियों ने देश की शक्तियों को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) और कांग्रेस के कार्यकाल में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ने देश की शक्ति में वृद्धि की थी।
अपने हाथ की ओर इशारा करते हुए, गांधी ने कांग्रेस के चुनाव चिह्न को भगवान शिव और गुरु नानक देव के साथ जोड़ा और कहा कि यह निडर होने का प्रतीक है। गांधी ने कहा, ”यह हाथ इस बात का प्रतीक है कि आपको किसी चीज से नहीं डरना चाहिए।” उन्होंने कहा कि भाजपा हर चीज से डरती है।

