बारिश से खेत में गिरी धान की फसल, किसान हुए चिंतित कि बेकार न हो जाए पूरी मेहनत
महराजगंज,उत्तर प्रदेश के तकरीबन 62 जिले सूखे की भयंकर मार झेल रहे थे।धान की बुवाई के वक्त बारिश ना होने की वजह से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश और सिंचाई के आभाव में धान के पौधे मुरझा गए। सरकार से राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी की गई थी।
अचानक बदले मौसम से पाँच दिनों से क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई। इस बिन मौसम बरसात से खेतों में पकी खड़ी व कटी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। धान की खड़ी फसलें तेज हवा के चलते खेत में लेट गई हैं। किसानों का कहना है कि बारिश के साथ तेज हवा में लगभग रोजाना कई घंटे तक बारिश हुई। इस बीच खेत में तैयार धान की खड़ी फसल खेत में गिर गई। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खड़ी फसल के खेत मे गिरने से काफी नुकशान हो गईं है।
जिले में पांच दिन से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। पानी ने किसानों के अरमानों को धो डाला। भारी बारिश के कारण लोगों के दिनचर्या के काम नहीं हो पा रहे हैं। बच्चे स्कूल तो नौकरीपेशा काम पर नहीं जा पा रहे हैं। सड़कों का बुरा हाल हो गया है। लोगों को अब भाजी तरकारी, दूध इत्यादि आवश्यक चीजों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
बारिश के कारण लोग बाजार नहीं जा पा रहे और सब्जी विक्रेता रेहड़ी नहीं लगा रहे। वहीं दूसरी तरफ पहले से चौपट शहर की व्यवस्था और भी बदहाल हो गई है। जगह जगह गंदगी फैली नजर आ रही है। पानी में सड़ने से कचरे से भरे कूड़ेदान भयंकर बदबू फैला रहे हैं। शहर के सभी नाले ओवरफ्लो होकर बह रहे है।

