घोटालेबाज निलंबित क्षेत्रीय प्रबंधक चढ़ा पुलिस के हत्थे, गया जेल
पीसीएफ गोदाम से पौने तीन करोड़ रुपये की डीएपी व यूरिया का घोटाला करने वाले निलंबित क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार को पुलिस ने फर्रुखाबाद से दबोच लिया। पूछताछ के बाद बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया। मामले में अब तक पांच लोगों को जेल भेजा जा चुका है। फरार चल रहे निलंबित जिला प्रबंधक की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
महराजगंज,पिछले साल गेहूं की बुआई के दौरान डीएपी की किल्लत को देखते हुए पीसीएफ की गोदामों की जांच में 1075 मीट्रिक टन डीएपी गायब मिली थी। जिसकी बाजार की कीमत 2.53 करोड़ रुपये थी। जिलाधिकारी के आदेश पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने 14 नवंबर 2021 को भंडार नायक संतोष कुमार के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया। वहीं 25 लाख की यूरिया भी नहीं मिली थी। इस पर 14 जनवरी 22 को जिला प्रबंधक धनंजय ने मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस से बचने के लिए संतोष भागता रहा। हालांकि पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस के हाथ लगे भंडार नायक संतोष कुमार से पूछताछ में घोटाले में शामिल तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज संजीव कुमार व जिला प्रबंधक रहे धीरेंद्र कुमार, समितियों के सचिव, सहायक संगणक दिनेश कुमार, उर्वकर पटल प्रभारी दिनेश कुमार समेत अन्य की संलिप्तता पाई गई।
पुलिस की रिपोर्ट पर विभाग ने क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार व जिला प्रबंधक धीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था। पुलिस से बचने के लिए दोनों फरार था। कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को फर्रुखाबाद से फरार चल रहे निलंबित क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार को दबोच लिया। रात में उन्हें कोतवाली लाया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस मामले में अब तक पुलिस भंडार नायक संतोष कुमार, समिति के सचिव राजेश पटेल, सहायक संगणक दिनेश कुमार व उर्वरक पटल प्रभारी दिनेश कुमार को जेल भेज चुकी है। अब फरार निलंबित जिला प्रबंधक धीरेंद्र कुमार की तलाश में पुलिस टीम ने अपना जाल बिछाया है। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि फरार चल रहे आरोपी की तलाश चल रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में निलंबित क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि तत्कालीन जिला प्रबंधक धीरेंद्र कुमार व भंडार नायक संतोष कुमार ने फंसा दिया। पहले भी कई बार दोनों ने सीजन में डीएपी व यूरिया गबन करने के लिए प्रलोभन दिया था। मगर उन्होंने इंकार कर दिया गया था। बाद में जांच के दौरान दोनों की चोरी पकड़ी गई। कार्रवाई से बचने के लिए दोनों ने लालच देकर फंसा दिया। अब क्या बताऊं। जिंदगी में जेल भी जाना पड़ेगा। यह कभी सोचा नहीं था।

