बाबर और भाजपा।
फर्क बस ये था की ये बाबर 1526 ई० वाले की तरह क्रूर और आक्रामक नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करने वाला था ,बाबर का विश्वास भाजपा में था, बाबर का विश्वास था की भाजपा ही कुशीनगर को विकसित कुशीनगर बना सकती है प्रदेश की जनता का प्यार मिला और भाजपा की सरकार बन गई,बाबर खुश थे। खुशियाँ मनाए, मिठाईयां बाँटी। पर लोकतंत्र के दुश्मनों को ये नागवार गुजरा। बाबर पर निर्दयी लोगों द्वारा हमला किया गया, करीब एक सप्ताह तक बाबर जिंदगी और मौत से जूझते हुए 25 मार्च को जिंदगी की जंग हार गए। कुशीनगर विधायक बड़े भईया आदरणीय श्री P.N.Pathak जी न केवल परिवार को सांत्वना देने पहुंचे बल्कि उससे पहले बाबर के अस्पताल में रहते वक्त हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो यह सुनिश्चित किए परन्तु ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। बड़े भईया आदरणीय विधायक पी०एन०पाठक जी भारी मन से स्वयं जनाजे को कंधा दिए। आदरणीय विधायक का अपने कार्यकर्ता को अंतिम विदाई देना उन लोकतंत्र के दुश्मनों के मुँह पर करारा प्रहार था। भाजपा का हर कार्यकर्ता अपने साथी को खोने से आहत है।
परन्तु मैं विश्वास दिलाता हूँ बाबर की मृत्यु में शामिल हुए एक एक अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।
ईश्वर बाबर की दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।🙏🙏 रिपोर्ट,, पण्डित दिनेश तिवारी ब्यूरो चीफ कुशीनगर अमूल्य रत्न न्यूज