खाद कारखाना की मशीनें खराब, 98 दिन बाद भी नहीं बननी शुरू हुई युरिया
गोरखपुर, अमूल रत्न संवाददाता। मशीनों में आ रही खराबी खाद कारखाना के शुरू होने में बाधा बन रही है। ङ्क्षहदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के अफसरों ने शुभारंभ के 45 दिन में उत्पादन शुरू करने का दावा किया था लेकिन 98 दिन बीतने के बाद भी अफसर यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि नीम कोटेड यूरिया कब बननी शुरू होगी। कंपनी के अफसरों ने मीडिया से बात भी करनी बंद कर दी है।
आठ हजार करोड़ की लागत से हुई है स्थापना : आठ हजार करोड़ रुपये की लागत से खाद कारखाना की स्थापना हुई है। पांच कंपनियों ने मिलकर इसे बनवाया है। एचयूआरएल को संचालक का जिम्मा सौंपा गया है। खाद कारखाना का ट्रायल होने के बाद मशीनों के अनुरक्षण का कार्य शुरू हुआ। तब कहा गया था कि 45 दिन में अनुरक्षण का कार्य पूरा हो जाएगा। अफसरों ने 26 जनवरी तक खाद कारखाना में नीम कोटेड यूरिया के उत्पादन का दावा किया था लेकिन समय लगातार बढ़ता जा रहा है। अफसर उत्पादन शुरू होने के संबंध में कभी भी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं।
पांच सौ टन यूरिया का हुआ था उत्पादन : सात दिसंबर 21 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खाद कारखाना का शुभारंभ किया था। तब तकरीबन चार घंटे कारखाना को चलाकर पांच सौ टन यूरिया का उत्पादन किया गया था। नीम का तेल न आ पाने के कारण यूरिया को नीम कोटेड नहीं किया जा सका था।
अमोनिया बनाने में आयी बाधा : खाद कारखाना में यूरिया के उत्पादन के पहले पर्याप्त मात्रा में अमोनिया का भंडारण किया जाता है। मशीन में गड़बड़ी आने के कारण अमोनिया के भंडारण में भी दिक्कत हुई थी। हालांकि फिर अमोनिया इकट्ठा करना शुरू कर दिया गया है।
अब 22 को शुरू करने की तैयारी : खाद कारखाना में आमोनिया का भंडारण एक बार शुरू होने के बाद कहा जा रहा है कि 22 मार्च से खाद कारखाना शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि इसे लेकर कोई स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है।

