पानियरा से घोषित कांग्रेस प्रत्याशी का टिकट वापस लेने के लिए कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर छेड़ी मुहिम
महाराजगंज,पनियरा विधानसभा क्षेत्र से घोषित कांग्रेस उम्मीदवार शरदेंदु पांडेय का टिकट वापस लेकर योग्य उम्मीदवार को देने लिए पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का विरोध बढ़ता जा रहा है। सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता एवम समर्थक सोशल मीडिया पर पनियरा विधानसभा क्षेत्र से घोषित कांग्रेसी उम्मीदवार शरदेन्दु पांडेय का टिकट वापस लेकर योग्य व जमीनी उम्मीदवार को टिकट देकर कांग्रेस पार्टी से मांग कर रहे हैं। ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ इंका नेता अमित कुमार तिवारी को टिकट देने के पक्ष में हैं। सैकड़ों लोग सोशल मीडिया फेसबुक एवं व्हाट्सएप आदि पर टिकट बदल कर योग्य प्रत्याशी को देने पर जोर दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि पनियरा विधानसभा क्षेत्र से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गोपाल शाही एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता एवं युवा नेता अमित कुमार तिवारी उर्फ अमित गुरु जैसे योग्य कर्मठ एवं पार्टी के प्रति समर्पित व जुझारू उम्मीदवार टिकट के प्रबल दावेदार थे। आखिर उन्हें पार्टी ने टिकट क्यों नही दिया। यह बड़ा सवाल है। पार्टी को समझना चाहिए जमीनी धरातल पर कौन कार्य कर रहा है और किसके साथ जनाधार है? लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया। एक कमजोर उम्मीदवार की घोषणा से पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता हतप्रभ हैं। उनमे एक अयोग्य और कमजोर कैंडिडेट को लेकर काफी आक्रोश, हताशा और निराशा भी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लेख में तो कार्यकर्ताओं ने यहां तक लिख डाला है कि अगर पार्टी ने विधानसभा से घोषित उम्मीदवार शरदेंदु पांडेय का टिकट वापस लेकर किसी योग्य उम्मीदवार को नहीं दिया तो पार्टी को जमानत बचाना मुश्किल हो जाएगा। कुछ ने तो सोशल मीडिया पर यहां तक कहा है कि इस बार कोरोना को लेकर उम्मीदवारों का प्रचार वर्चुअल और डिजिटल होना है लेकिन मौजूदा घोषित उम्मीदवार को इसका ज्ञान ही नहीं है वह चुनाव में अपनी लड़ाई लड़ेंगे कैसे? जब कि वह 2 मिनट भी तक मंच पर खड़े होकर अपनी बात प्रमुखता से नही रख सकते। समर्थकों का तो यहां तक कहना है कि पार्टी को अमित कुमार तिवारी को ही टिकट देना चाहिए। बीते तकरीबन दो दशक से वह पार्टी के लिए जमीनी धरातल पर कार्य कर रहे हैं। इसके पहले उन्होंने दो बार टिकट पार्टी से मांगा था, मिला तो नहीं। लेकिन इस बार उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें टिकट जरूर देगी लेकिन तीसरी बार भी पार्टी ने उन्हें टिकट न देकर कार्यकर्ताओं व समर्थकों को हताश किया है। ऐसे में शरदेंदु पांडेय को टिकट दिया जाना कहां तक उचित है। अब तो शीर्ष नेतृत्व ही सोचे और विचार करे।

