*28/12, 12:30 】 रमाकान्त जायसवाल ,गोरखपुर,179 थानों में 1 लाख गाड़ियां होंगी नीलाम:*
*ADG बोले-पुलिस की स्पेशल टीम कराएगी गाड़ियों को नीलाम,
गोरखपुर !जोन के थानों में मुकदमों में सीज हुई गाड़िया रखे- रखे सड़ रही हैं। गोरखपुर जोन के 11 जिलों के 179 थानों में करीब 1 लाख गाड़ियां रखी हुई हैं। इन गाड़ियों में कई ऐसी हैं जिनके मुकदमें का निस्तारण हो गया है, लेकिन गाड़ियां रिलीज नहीं हुईं। जिससे कई नई- नई गाड़ियां कबाड़ बन चुकी हैं। कई थानों पर कुछ गाड़ियां तो 20 से 20 सालों से पड़ी हुई हैं। इसे देखते हुए एडीजी जोन ने एक प्लान तैयार किया है। अब इन गाड़ियों की सूची बनाई जाएगी और जिले की एक स्पेशल टीम बनाकर गाड़ियों को नीलाम कराया जाएगा या उसका निस्तारण कराया जाएगा।
निस्तारित मुकदमों की थानेवार सूची बनाई जाएगी साथ ही उससे संबंधित गाड़ियों व जब्त माल का डेटा तैयार किया जाएगा।
निस्तारित मुकदमों की थानेवार सूची बनाई जाएगी साथ ही उससे संबंधित गाड़ियों व जब्त माल का डेटा तैयार किया जाएगा।
पहले हेड मुहर्रिर मुकदमों की स्थित का करेंगे आकलन
योजना के प्रथम चरण में हर थाने के हेड मुहर्रिर गाड़ियों से संबंधित मुकदमें की स्थित का आकलन करेंगे। वे पता करेंगे कि मुकदमा अंडर ट्रायल है या निस्तारित हो गया है। निस्तारित मुकदमों की थानेवार सूची बनाई जाएगी साथ ही उससे संबंधित गाड़ियों व जब्त माल का डेटा तैयार किया जाएगा। इस डेटा को फिल्टर कर जिले के एसएसपी या एसपी को भेजा जाएगा।
*स्पेशल टीम कराएगी निस्तारण*
दूसरे चरण में जिला स्तर पर एडिशनल एसपी व सीओ के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनेगी। जो प्राप्त सूची के आधार पर लावारिश मिली गाड़ियों या माल की नीलामी कराएगी, साथ ही अगर शराब आदि होगा तो उसे निस्तारित कराएगी।
1 साल पहले ही एक प्लान बनाकर इन लावारिश गाड़ियों को पुलिस लाइंस में यार्ड बनाकर रखवाने की व्यवस्था हुई थी।
1 साल पहले ही एक प्लान बनाकर इन लावारिश गाड़ियों को पुलिस लाइंस में यार्ड बनाकर रखवाने की व्यवस्था हुई थी।
जब्त गाड़ियों से भी चलते हैं पुलिसकर्मी
हालांकि कई बार यह भी शिकायत आती है कि थानेदार या अन्य पुलिसकर्मी जब्त हुई इन लावारिश गाड़ियों का इस्तेमाल करने लगते हैं। ऐसी शिकायत एक बार खोराबार व एक बार सहजनवां पुलिस की आई थी। वहीं इन गाड़ियों की वजह से कई थानों में जगह भी नहीं बची है। 1 साल पहले ही एक प्लान बनाकर इन लावारिश गाड़ियों को पुलिस लाइंस में यार्ड बनाकर रखवाने की व्यवस्था हुई थी। जहां कैंट व कोतवाली थाने की कई गाड़ियों को भेजा भी गया था। लेकिन योजना कारगर नहीं हो पाई।
एडीजी ने अभी कुछ दिन पहले ही कैंट थाने का निरीक्षण किया था। जहां उन्होंने लावारिश पड़ी गाडियों की हालत देखी। जिसके बाद उन्होंने यह प्लान बनाया है। जल्द ही इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा। जिससे थानों में जगह की कमी नहीं होगी।
जल्द लागू किया जाएगा
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि थानों में पड़ी गाड़ियों के निस्तारण के लिए एक प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे लागू कराया जाएगा। जिससे थानों में जगह भी बढ़ेगी और गाड़ियों को सड़ने से बचाकर विभाग की आमदनी भी बढ़ाई जा सकेगी।

