9व दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ में बह रही भक्ति की धारा में गोता लगाते श्रद्धालु
म्हराजगंज,सदर ब्लाक स्थित सिसवा राजा ग्राम सभा मे विष्णु मंदिर पर श्री विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया गया है।इस यज्ञ आचार्य श्री विष्णु पांडेय अपने सहयोगियो के साथ वैदिक मंत्रों की आहुतियों से वातावरण को गुंजायमान किये हुये है।उसके बाद रामलीला मंडलके द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरित्रों का अवलोकन कराया जा रहा है।प्रवचन कर्ता चुटकी बाबा ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है तो भगवान अवतार लेकर उस संकट को दूर करते हैं। भगवान शिव और भगवान विष्णु ने कई बार पृथ्वी पर अवतार लिया है। भगवान विष्णु के 24 वें अवतार के बारे में कहा जाता है कि‘कल्कि अवतार’के रूप में उनका आना सुनिश्चित है।उहोने भगवान विष्णु के सातवें अवतार का नाम यज्ञ है। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान यज्ञ का जन्म स्वायम्भुव मन्वन्तर में हुआ था। स्वायम्भुव मनु की पत्नी शतरूपा के गर्भ से आकूति का जन्म हुआ। वे रूचि प्रजापति की पत्नी हुई। इन्हीं आकूति के यहां भगवान विष्णु यज्ञ नाम से अवतरित हुए। भगवान यज्ञ के उनकी धर्मपत्नी दक्षिणा से अत्यंत तेजस्वी बारह पुत्र उत्पन्न हुए। वे ही स्वायम्भुव मन्वन्तर में याम नामक बारह देवता कहलाए।उसके बाद श्री राम दरस गिरी रामायणी ने कहा कि एक बार भगवान ब्रह्मा अपनी सभा में बैठे थे। तभी वहां उनके मानस पुत्र सनकादि पहुंचे और भगवान ब्रह्मा से मनुष्यों के मोक्ष के संबंध में चर्चा करने लगे। तभी वहां भगवान विष्णु महाहंस के रूप में प्रकट हुए और उन्होंने सनकादि मुनियों के संदेह का निवारण किया। इसके बाद सभी ने भगवान हंस की पूजा की। इसके बाद महाहंसरूपधारी श्रीभगवान अदृश्य होकर अपने पवित्र धाम चले गए।इस यज्ञ के आयोजक श्री श्री108श्री महन्थ उधोदास जी ने समस्त ग्राम वासियो के सहयोग से यज्ञ को सफल बनाने का विणा उठाया है।इस यह में विशेष सहयोगी के रूप में वर्तमान प्रधान व ग्रामवासी तन मन धन से लगे हुए है।

