उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से वफादारी और विश्वास के कत्ल की एक ऐसी वारदात सामने आई है।
जिसने ‘Digital Love’ के अंधेरे पहलुओं को बेनकाब कर दिया है।
रोजी-रोटी की तलाश में परदेश गए पति ने जब अपनी घर-वापसी की ‘Surprise Entry’ की, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
घर के भीतर का मंजर किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था—उसकी पत्नी अपने उसी ‘फेसबुक प्रेमी’ के साथ आपत्तिजनक हालत में थी, जिसे उसने कुछ दिन पहले ‘रिश्तेदार’ बताकर पति की आंखों में धूल झोंकी थी।
सोशल मीडिया का ‘जाल’ और धोखे की ‘Script’
जांच में सामने आया कि इस अवैध प्रेम कहानी की शुरुआत Facebook के जरिए हुई थी।
बातचीत का सिलसिला जब ‘Affair’ में बदला, तो मर्यादा की सारी दीवारें गिर गईं।
करीब दो महीने पहले जब यह प्रेमी युवक पहली बार घर आया था, तब शातिर पत्नी ने उसे “मौसी का बेटा” (Maternal Aunt’s Son) बताकर दो दिनों तक पति के साथ ही एक छत के नीचे रखा था।
उस समय पति के मन में शक की चिंगारी तो उठी थी, लेकिन पत्नी के ‘Emotional Drama’ और रिश्तों की दुहाई ने उस शक को दबा दिया था।
खंभे से बंधा ‘आशिक’ और पत्नी की जिद
पति के अचानक पहुंचने पर हुए शोर-शराबे ने पूरे गांव को इकट्ठा कर दिया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कानून को ताक पर रखकर कथित प्रेमी को बिजली के खंभे से बांध दिया और उसकी ‘Public Shaming’ की गई।
लेकिन मामले में सबसे बड़ा ‘Shock’ तब लगा जब पुलिस मौके पर पहुंची।
खाकी की मौजूदगी में भी पत्नी के चेहरे पर न तो कोई पछतावा था और न ही शर्म।
वह सबके सामने अपने पति को ठुकराकर प्रेमी के साथ ही जाने की जिद पर अड़ी रही।
पति के साथ बिताए सालों का सफर उसके लिए फेसबुक के चंद महीनों के ‘Chatting’ के आगे फीका पड़ गया।
कानून और नैतिकता पर खड़े होते गंभीर सवाल
कुशीनगर की यह घटना आधुनिक समाज के Crashing Values (गिरते मूल्यों) का जीता-जागता उदाहरण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाला ‘आभासी सुख’ (Virtual Pleasure) अब परिवारों को तबाह कर रहा है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा युवक को खंभे से बांधना यह दर्शाता है कि लोग अब पुलिस और न्याय व्यवस्था के बजाय ‘Instant Justice’ में विश्वास करने लगे हैं, जो खुद में एक बड़ा अपराध है।
पुलिस ने फिलहाल दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला उन तमाम परिवारों के लिए एक चेतावनी है, जहाँ रिश्तों की बुनियाद पर ‘Digital’ दीमक लग रही है।

