वैशाली जिले के एक गांव में सोमवार सुबह जो नज़ारा दिखा, उसने पुलिस से लेकर परिजनों तक को उलझा दिया। एक सरकारी स्कूल की महिला टीचर का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला लेकिन शरीर पूरा ज़मीन पर टिका था। कमरे में सुसाइड नोट भी था, जिसमें साफ़ लिखा थाः “ये हत्या नहीं है”।
अब सवाल यही है-अगर हत्या नहीं थी, तो फिर सब कुछ इतना
संदिग्ध क्यों?
घटना कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव की है। मृतका की पहचान प्रिया भारती के रूप में हुई है, जो हाई स्कूल खाजेचांद में पदस्थापित थीं और स्कूल के पास किराए के मकान में रहती थीं। प्रिया की तीन महीने की एक बेटी है।
मौके से मिले सुसाइड नोट में प्रिया ने लिखा कि वह बीमारी के कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर रही है और इसमें किसी व्यक्ति का कोई हाथ नहीं है। साथ ही यह भी लिखा कि उनका अंतिम संस्कार हाजीपुर में ही किया जाए, पोस्टमॉर्टम न कराया जाए और पति या परिवार पर कोई मुकदमा न हो। मोबाइल में कुछ मैसेज, ऑडियो और वीडियो होने का ज़िक्र भी नोट में किया गया है।
प्रिया के पति दीपक कुमार, जो रक्सौल में ICICI Bank में डिप्टी ब्रांच मैनेजर हैं, ने बताया कि रविवार शाम पत्नी से वॉट्सऐप कॉल पर बात हुई थी। सोमवार सुबह जब वह फोन नहीं उठा रही थीं, तो मकान मालिक के परिजन को कमरे पर भेजा गया। बाद में कमरे का दरवाज़ा खोला गया, जहां प्रिया का शव फंदे से लटका मिला।
लेकिन यहीं से कहानी पलट जाती है।
मृतका के मामा हरिकांत गिरी का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। उनका दावा है कि शव का पूरा वजन ज़मीन पर था और सुसाइड नोट की भाषा प्रिया की नहीं लगती। उन्होंने पारिवारिक विवाद और हालिया तनाव की ओर भी इशारा किया है।
वहीं, BEO महेश प्रसाद ने भी माना कि घटनास्थल देखने पर मामला सामान्य आत्महत्या जैसा नहीं लगता। शिक्षिका का व्यवहार अच्छा था, लेकिन पारिवारिक विवाद चल रहा था।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। सुसाइड नोट, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूत तीनों के आधार पर जांच जारी है।

