पटना हॉस्टल कांड में 18 साल की मेडिकल छात्रा की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने शनिवार को पुलिस को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
रिपोर्ट में पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में छात्रा के अस्पताल में भर्ती होने से समय पहने हुए अंडरगारमेंट पर पुरुष के सीमेन के निशान मिले हैं।
एफएसएल रिपोर्ट में इस बड़े खुलासे के बाद चित्रगुप्त नगर थानेदार रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाना के सब इंस्पेक्टर हेमंत झा को सस्पेंड कर दिया गया है।
एसएसएल रिपोर्ट साफ तौर पर यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की ओर इशारा करती है।
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एसएसएल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात कही गई है।
एक सूत्र ने कहा, ‘छात्रा के अंडरगारमेंट में सीमेन मिला है, जो पुलिस ने टीम को सौंपा था।
जिससे पता चलता है कि लड़की के साथ कुछ गलत हुआ था। यौन उत्पीड़न की पूरी संभावना है।
हालांकि, सिर्फ इस रिपोर्ट से घटना का सही समय पता नहीं लगाया जा सकता। DNA प्रोफाइलिंग अभी बाकी है।
अगर स्पर्म का सैंपल खराब नहीं हुआ है तो DNA प्रोफाइल बनाया जा सकता है।
जिससे पता चल सकता है कि इसमें एक लोग शामिल था या उससे ज्यादा।’
पहले हुए पोस्टमॉर्टम की बातों में भी छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का आशंका जताई गई थी।
अब FSL रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुष्टि करती है।
इसके बाद संभावित यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके प्राइवेट पार्ट्स पर चोटों और शरीर पर नाखूनों के खरोंच का भी जिक्र किया गया था।
पीड़िता जहानाबाद की रहने वाली थी और NEET की तैयारी कर रही थी।
वह पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी।
उसे 6 जनवरी को उसके बंद कमरे में बेहोश पाया गया था और 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

