SI बोली-इंस्पेक्टर 1 लाख लिये, मुझे कुछ नहीं दिया👇🏻
आगरा में महिला से हुई अश्लील हरकत के मामले में पुलिस ने
आरोपियों के फेवर में चार्जशीट लगा दी।
चार्जशीट के बारे में जांच अधिकारी को पता भी नहीं चला।
SI नीतू का कहना है कि इंस्पेक्टर ने उनको बिना बताए ही चार्जशीट लगवा दी।
महिला SI का ऑडियो भी सामने आया है।
जिसमें महिला SI पीड़िता से बात कर रही हैं।”
“महिला SI ने कहा- इंस्पेक्टर ने अपनी मर्जी से चार्जशीट दाखिल कर दी है।
मुझे पता नहीं कि इंस्पेक्टर सर इतना झोल कर देते हैं।
मैं अपने बीमार बच्चे की कसम खाती हूं कि मैंने चार्जशीट दाखिल नहीं की।”
“इंस्पेक्टर सर ने एक लाख रुपए ले लिए।
मुझसे कहा था कि तुझे एक रुपया नहीं मिलेगा।
मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद महिला जांच अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मामला एत्मादपुर थाना क्षेत्र का है।”
“अब पढ़िए पूरा मामला”
“एत्मादपुर की रहने वाली महिला शिकोहाबाद में नर्सिंग का कोर्स कर रही है।
महिला का आरोप है कि 19 अक्टूबर को रात करीब 8 बजे उसकी स्कूटी को आई-टेन कार ने ओवरटेक करके रोक लिया।
कार में आशुतोष, हिमांशु, अनूप कुमार और रितेश ने जबरन हाथ पकड़ कर गाड़ी में डाल लिया।”
“अनूप ने मेरा मुंह दबा कर मेरे साथ अश्लील हरकत की।
मेरे कपड़े फाड़ दिए।
आशुतोष ने गलत काम करने का प्रयास किया।
लेकिन मैंने अनूप का हाथ काटा तो उसने मेरा गला दबाया।
तभी आरोपियों को लगा कि पुलिस की गाड़ी आ रही है।
तो वो गाड़ी से फेंक कर भाग गए।
इस मामले में मेरी शिकायत पर एत्मादपुर थाने में FIR दर्ज की गई थी।”
“महिला एसआई कर रही थीं जांच”
“इस मामले की जांच एत्मादपुर थाने की महिला एसआई नीतू को सौंपी गई थी।
मगर, पूरे मामले में 4 आरोपियों के नाम निकालकर चार्जशीट दाखिल कर दिया गया।
पीड़िता को इसकी जानकारी हुई।
तो वो महिला SI नीतू से मिली।
उसने महिला SI से आरोपियों के नाम निकालने के बारे में बात की। महिला SI ने बिना उसकी जानकारी के चार्जशीट दाखिल होने की बात कहीं।”
“महिला SI ने थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह पर चार्जशीट में बदलवा करने का आरोप लगाया है।
महिला SI और पीड़िता की बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है।
महिला SI नीतू वायरल ऑडियो में चार्जशीट दाखिल होने पर सफाई दे रही हैं।”
“अब पढ़िए ऑडियो में दोनों की बातचीत…”
“पीड़िता : चार्जशीट लगा दी आपने, मुझे बताया भी नहीं। आरोपियों के नाम भी हटा दिए।
महिला SI : यार मैंने चार्जशीट नहीं लगाई है। मुझे चार्जशीट का नंबर तक नहीं पता है।”
“पीड़िता : मेरा फोन भी नहीं उठाया।
महिला SI : तुम्हारा फोन मैं इसलिए नहीं उठा पाई, क्योंकि मैं जल्दी निकल आई थी!
“पीड़िता : मेरा फोन भी नहीं उठाया।
महिला SI : तुम्हारा फोन मैं इसलिए नहीं उठा पाई, क्योंकि मैं जल्दी निकल आई थी
“पीड़िता : चार्जशीट में केवल 2 लोगों के नाम है। जबकि 6 लोगों के नाम थे।
महिला SI : इंस्पेक्टर सर ने मेरी ऐसी की तैसी कर दी। मुझे बिना बताए चार्जशीट लगा दी। 4 लोगों के नाम भी काट दिए। वो हरामीपना कर रहे हैं।”
“पीड़िता : मुझे क्या पता आपकी गलती है, या इंस्पेक्टर साहब की है।
महिला SI : मैं अपने बीमार बच्चे की कसम खा रही हूं, मुझे नहीं पता
“पीड़िता : मुझे पता चला है कि 4 लोगों के नाम निकालने के लिए 10 लाख रुपए दिए गए है।
महिला SI : दिए होंगे लेकिन मुझे कुछ नहीं पता, न ही मुझे कोई पैसे मिले। इन इंस्पेक्टर सर से हर कोई परेशान है!
“पीड़िता : मैं अब बिल्कुल टूट चूकी हूं।
महिला SI : इंस्पेक्टर इससे पहले भी मेरी कई बार विवेचना में ऐसा कर चुके हैं, सर ने एक लाख रुपए ले लिए। मुझसे कहा था कि तुझे एक रुपया नहीं मिलेगा। यह इंस्पेक्टर ऐसे ही करते हैं। अकेले सारे रुपए रख लेते हैं और चार्जशीट में नाम निकाल देते हैं। मुंशी भी बिना रुपए लिए कोई काम नहीं करता है। इंस्पेक्टर 10 हजार महीना देता है, इसलिए उसी की सुनता है।”
“पीड़िता : एडीसीपी ने फीडबैक के लिए काल किया तो पता चला कि चार्जशीट में नाम निकाल दिए गए हैं। मैंने तब भी उनसे तुम्हारे लिए कुछ नहीं कहा।
महिला SI : परेशान मत हो… मैं कुछ दिन बाद दूसरा मुकदमा दर्ज कर उनको पकडूंगी और जेल भेजूंगी। मेरी लिस्ट में ऐसे 4 थाना प्रभारी हैं, जो अकेले रुपए ले लेते हैं और दरोगा को कुछ नहीं देते हैं।”
“पीड़िता की शिकायत पर डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने महिला SI को लाइन हाजिर कर दिया है।”
“डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया- महिला विवेचक को लाइन हाजिर कर दिया है। विवेचक की विभागीय जांच भी कराई जा रही है। ऑडियो का जांच की जा रही है।”
“नाम निकालने से पहले ली गई अनुमति”
“इधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चारों आरोपियों के नाम विवेचना के दौरान साक्ष्य के आधार पर निकाले गए थे। इनकी संलिप्तता नहीं पाई गई थी। इनके नाम निकालने से पहले SI नीतू शर्मा ने ACP एत्मादपुर को लेटर लिखकर अनुमति मांगी थी। उनके एप्रूवल के बाद ही चार्जशीट से नाम निकाले गए थे। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

