अटल जी ने मेरे पिताजी पंडित दुर्गा प्रसाद मिश्र से कहा था कि दुर्गा तुम्हारे देवरिया में जार्ज फ़र्नाडिस साहब बहुत आते हैं ,
तुम्हारा देवरिया समाजवादियों के लिए अनुकूल है, पिताजी ने अटल जी से कहा था कि अब आप आयेंगे और हमेशा आते रहेंगे,
अब देवरिया में दुर्गा खड़ा है आपके अभिनंदन के लिए
अटल जी मेरे पिता के बुलावे पर आए और कई बार आए,
बहुत प्रसन्न हो जाते थे अटल जी, देवरिया के हर बड़े चौराहे से पिताजी ने अटल जी को जोड़ दिया था, खुखुन्दूँ के रामा सेठ की चाय से लेकर नवलपुर के खुरमा तक……..
अटल जी ने मेरे पिता जी से कहा कि इसबार आऊंगा तो अपने बच्चों से मिलाना दुर्गा, पिताजी ने हम सबको मिलाया भी, तब मेरे बड़े पिताजी मन्नन मिश्र जी,
छोटे पिता जी दद्दन मिश्र जी उसी सलेमपुर के बापू मैदान पर अपने छोटे भाई जिसको सच में वह छोटे ही कहते थे,अटल जी के लिए खड़े…….
कहने का मतलब जब भाजपा में कम लोग थे तब दुर्गा मिश्र पूरे परिवार के साथ खड़े थे, फिर रिश्ते नाते जुड़े, मित्र जुड़े और जुड़ गया देवरिया भाजपा के साथ…….
एक बार पिताजी दिल्ली गए और बिना बताए अटल जी के आवास पर पहुँच गए, कोई विदेशी डेलीगेशन आया था और अटल जी को तुरंत उनसे मिलने के लिए निकलना था,
अटल जी ने कहा दुर्गा तुम रुको मैं जल्दी आ जाऊँगा, तुमसे पूर्वांचल पर ढेर सारी बातें करनी हैं….
अटल जी मेरे लिए केवल प्रधानमंत्री नहीं हैं, और ना ही भारत रत्न…
मेरे लिए अटल जी परिवार हैं जिन्होंने मेरे पिता को बोला था कि दुर्गा अपने एक बेटे को मुझे दे दो…
मेरी माता जी को यह बात स्वीकार नहीं थी…
क्यूंकि माता जी जानती थी शायद की उनके पुत्र और पुत्री अटल जी और दुर्गा जी की भावना को समझेंगे और एक क्यों सभी अपने बृहत्तर परिवार भाजपा में ही रहेंगे ।
महान नेता को उनकी जन्म जयंती पर सादर नमन 🙏🙏🙏🙏
नोट-चित्र में अटल जी के साथ बचपन के श्री Deepak Mishra Shaka भैया हैं जो आज बरहज के विधायक हैं ।

