योगी सरकार ने 300 से ज्यादा एनकाउंटर करने वाले पूर्व DGP प्रशांत कुमार को रिटायरमेंट के 6 महीने बाद बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
IPS प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनाया है।
प्रशांत कुमार का कार्यकाल 3 साल का होगा।
वे उच्च और माध्यमिक शिक्षा आयोग के अध्यक्ष होंगे।
शिक्षा सेवा चयन आयोग के जरिए यूपी में माध्यमिक और उच्च शिक्षा के टीचरों की भर्ती होती है।
प्रशांत कुमार यूपी के सबसे ताकतवर डीजीपी थे।
मई में प्रशांत कुमार रिटायर हुए थे।
उनकी गिनती मुख्यमंत्री योगी के खास लोगों में होती है।
उन्होंने अप्लाइड जूलॉजी में MSc, डिजास्टर मैनेजमेंट में MBA और डिफेंस एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज में M.Phil की डिग्रियां हासिल की हैं।
यूपी सरकार ने 2024 में उच्च और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग का विलय कर दिया था।
दोनों आयोग को मिलाकर यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग बनाया था। पहले अध्यक्ष प्रोफेसर कीर्ति पांडेय थे।
उन्होंने हाल ही में इस्तीफा दे दिया था।
अब प्रशांत कुमार आयोग के दूसरे अध्यक्ष होंगे।
यूपी शिक्षा चयन आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया 10 दिसंबर को पूरी हुई है।
आवेदन 21 अक्टूबर तक मांगे गए थे, लेकिन बाद में विज्ञापन में संशोधन किया गया और दोबारा आवेदन मांगे गए।
रिटायर्ड IPS प्रशांत कुमार ने भी आवेदन किया था।
पूर्व अध्यक्ष कार्ति पांडेय के इस्तीफे के बाद आयोग के काम ठप पड़े थे।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का इंटरव्यू के साथ टीजीटी-पीजीटी भर्ती परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं।
उम्मीद है कि नए अध्यक्ष की औपचारिक नियुक्ति के साथ नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू हो जाएं

