मुरादाबाद में जेल से छूटने के बाद पिता बाबूराम शर्मा अंदर ही अंदर अपने 28 वर्षीय बेटे अनिकेत से इतनी नफरत करने लगा था कि वह उसे हर हाल में मौत के घाट उतारना चाहता था।
उसे अनिकेत का अपनी सौतेले मां से भी ज्यादा बातचीत करना पसंद नहीं था।
उसने अपने साथी अधिवक्ता आदेश कुमार से बातचीत की और बताया कि उसे अपने बेटे से कई तरह की शिकायतें हैं।
दुर्घटना बीमा क्लेम दिलाने वाले अधिवक्ता आदेश कुमार को ऐसे ही मामले की तलाश थी।
उसने बाबूराम को बीमा कराकर बेटे से बदला लेने की सलाह दी जिसमें बदला और रकम मिलने का लालच दे दिया था।
संभल के बहजोई थाना इलाके के दुर्गा कॉलोनी निवासी बाबूराम शर्मा की पहली शादी बबीता के साथ हुई थी।
बबीता ने एक बेटे और बेटी को जन्म दिया।
करीब 12 साल पहले बबीता की मृत्यु हो गई।
बेटी की शादी हो चुकी है जबकि बेटा अनिकेत फर्म में काम करने लगा था।
60 वर्षीय बाबूराम ने करीब दस साल पहले 32 वर्षीय बबली से शादी कर ली।
बबली के दो बच्चे हैं। बताया जा रहा है कि बाबूराम ने साथियों के साथ मिलकर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र में डकैती की घटना को अंजाम दिया था।
इस मामले में बाबूराम को उत्तराखंड की पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल से बाहर आया तो उसने अपने घर का माहौल बदला-बदला देखा। बताया जा रहा है कि बेटा शराब पीने लगा था और उसकी दूसरी पत्नी भी अनिकेत से ज्यादा ही बातचीत करने लगी थी।
बाबूराम अंदर ही अंदर घुटने लगा।
पिता-पुत्र के बीच कई बार विवाद हुआ।
अनिकेत ने बाबूराम के साथ मारपीट भी कर दी थी।
इसे लेकर बाबूराम ज्यादा ही परेशान होने लगा था।
उसने अधिवक्ता आदेश कुमार से बात की और बताया कि वह अपने बेटे से बहुत परेशान हो चुका है।
तब आदेश ने उसे अपनी बातों में उलझा लिया और बताया कि बेटे का बीमा करा देते हैं।
इसके बाद बेटे को सबक सिखाना और रकम भी मिलेगी।
इसके बाद अनिकेत के नाम पर बीमा पॉलिसी कराई।
अधिवक्ता और बाबूराम अनिकेत की हत्या की साजिश रच रहे थे लेकिन मार्च माह में डकैती के मामले में बाबूराम को सजा हो गई और वह जेल चला गया जिस कारण अनिकेत की जान बच गई।
जुलाई माह में बाबूराम शर्मा जमानत पर जेल से बाहर आया।
इसके बाद अधिवक्ता और बाबूराम अनिकेत की हत्या करने की फिराक में जुट गए थे लेकिन मौका नहीं मिल पा रहा था।
16 नवंबर की रात यह लोग अपने मकसद में कामयाब हो पाए।
पिता बताता रहा हादसा तहरीर देने भी नहीं आया
16 नवंबर को कुंदरकी क्षेत्र में अनिकेत की लाश मिली थी।
मौके पर मिले ड्राइविंग लाइसेंस से उसकी पहचान हुई थी।
सूचना मिलने पर उसका पिता बाबूराम और अन्य परिजन भी आए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बावजूद बाबूराम हादसे की बात पर अड़ा था।
पुलिस ने उसे तहरीर मांगी लेकिन उसने तहरीर नहीं दी।
इसके बाद वह अपने घर से भी गायब हो गया था।
इसके बाद पुलिस ने अनिकेत के चाचा नवनीत शर्मा से तहरीर लेकर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।

