राशनकार्ड में केवाईसी बन रही उपभोक्ताओं के गले की फांस
आधार केंद्रों पर बायोमेट्रिक कराने के लिए खर्च करना पड़ रहा ज्यादा शुल्क,
गरीब राशनकार्ड उपभोक्ता परेशान
लखीमपुर खीरी।सरकार द्वारा राशनकार्ड धारकों के लिए करवाई जा रही केवाईसी अब गरीबों के लिए गले की फांस बनती जा रही है और गरीब राशनकार्ड उपभोक्ता हजारों रूपयों को खर्च करने पर मजबूर हो रहे हैं वहीं उपभोक्ताओं को आधार केंद्रों पर ठगा जा रहा है।
आपको बता दें कि राशनकार्ड में जितने यूनिट हैं उनका सत्यापन सरकार द्वारा कराया जा रहा है
जिसके लिए उचित दर की दुकानों पर केवाईसी अपडेट की जा रही है इसमें सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि कुछ लोगों के आधार बायोमेट्रिक न होने के कारण केवाईसी नहीं हो रही है
वहीं 5 वर्ष के उपर के बच्चों का बायोमेट्रिक नहीं हो पा रहा है जिसके कारण गरीब उपभोक्ता आधार केंद्र पर बायोमेट्रिक कराने के लिए जा रहे हैं और वहाँ पर मनमाना शुल्क वसूल किया जा रहा है।ऐसा एक केंद्र पर नहीं है लगभग सभी केंद्रों पर मनमाना शुल्क लिया जा रहा है
जिसके कारण गरीब राशनकार्ड उपभोक्ताओं को भारी नुकसान पहुंच रहा है।बायोमेट्रिक अपडेट न होने के कारण राशनकार्ड से नाम कटने का डर भी फैला हुआ है।
गरीब राशनकार्ड उपभोक्ताओं द्वारा सरकार से बायोमेट्रिक कराने का कोई दूसरा विकल्प प्रयोग करने की मांग की जा रहीं हैं और बायोमेट्रिक करने के लिए फेस फोटो एवं आँख की फोटो से राशनकार्ड बायोमेट्रिक करने का विकल्प भी सही है जिसके फिंगर प्रिंट राशनकार्ड में नहीं आ रहे हैं
उनको कोई दूसरा विकल्प देना चाहिए जिसके कारण गरीब उपभोक्ताओं का आधार केंद्रों पर बायोमेट्रिक कराने पर हजारों रुपये खर्च को बचाया जा सके।

