उत्तर प्रदेश के अकबरपुर के एक किराए के मकान में रहने वाली दलित महिला ने आरोप लगाया कि उसी मकान में रहने वाले सिपाही ने उसके साथ गलत व्यवहार किया।
महिला के अनुसार, सिपाही ने मकान मालकिन की मदद से उसका मोबाइल नंबर लिया और उसे गंदे मैसेज व कॉल कर परेशान करने लगा।
एक दिन उसे जबरदस्ती खाना खिलाया गया, जिसमें कथित तौर पर बेहोशी की दवा मिली थी।
होश आने पर महिला ने खुद को असहाय स्थिति में पाया।
आरोप है कि इसके बाद सिपाही उसे धमकाकर कई महीनों तक शोषण करता रहा।
जब महिला ने विरोध किया, तो उसकी बात उसके पति को बता दी गई, जिसके बाद पति ने उसे छोड़ दिया।
महिला ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
अंततः उसने कोर्ट का सहारा लिया, जिसके आदेश पर आरोपी सिपाही और मकान मालकिन के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
ऐसे ही देश व समाज कि सेवा करने वाले रक्षक ही भक्षक हो जाएंगे तो समाज का क्या होगा,।
समाज में रहने वाले कुछ लोग इंसान के शक्ल में भेड़िया है जिसे ना घर कि चिंता ना समाज कि चिंता है
डिस्क्लेमर: यह जानकारी पीड़िता के आरोपों और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है, मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

