कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाना क्षेत्र में एक साल पूर्व हुए मारपीट के मामले के विवेचक का आरोपी पक्ष से लेन देन संबंधित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में दो दिन पूर्व एसपी ने दारोगा को निलंबित कर दिया था।
एएसपी को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी थी।
एएसपी के जांच में दरोगा घूस मांगने का दोषी पाया गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दारोगा के खिलाफ तरयासुजान थाने में मंगलवार की देर रात केस दर्ज किया गया।
उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगायी गयी है।
निलंबित दरोगा केस दर्ज होने की भनक लगते ही फरार हो गया है। तरयासुजान थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2025 में दो पक्षों में मारपीट की सूचना पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
विवेचक दरोगा आलोक कुमार सिंह को बनाया गया था।
दारोगा ने पीड़ित और आरोपी दोनों पक्षों का बयान लिया तथा विवेचना पूरी नहीं की थी।
इस बीच सोमवार को एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हुआ।
जिसमें लेन देन की बात दारोगा किसी करते हुए सुनाई दे रहा था।
आरोप है कि दरोगा आरोपी पक्ष से किसी का नाम निकालने के लिए घूस मांग रहा था।
ऑडियो संज्ञान में आते ही एसपी ने जांच कराई।
प्रथम दृष्टया दारोगा की आवाज की पुष्टि होने पर उसे निलंबित कर दिया गया।
पूरे प्रकरण की जांच एएसपी सिद्धार्थ वर्मा को सौंप जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई।
एएसपी की जांच में दरोगा को घूस मांगने का दोषी पाया गया है।
एसपी के निर्देश पर पीड़ित दीपक गिरि की तहरीर पर आरोपी दरोगा के खिलाफ मंगलवार की रात केस दर्ज कर लिया गया।
इसकी भनक लगते ही दरोगा फरार हो गया है।
पुलिस उसकी गिरफ्तारी में जुट गई है।
एसपी केशव कुमार ने कहा कि दो दिन पूर्व वायरल ऑडियो के आधार पर दारोगा को निलंबित किया गया था।
एएसपी की जांच रिपोर्ट में लेनदेन की बात सही निकलने पर आरोपी दरोगा के खिलाफ थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है।
उसकी गिरफ्तार के लिए टीम का गठन किया गया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर किसी प्रकार का समझौता किसी कीमत पर नहीं किया जायेगा।

