*31 वर्ष का साथ, एक अविस्मरणीय अहसास*
_संतोष नयन बरनवाल की वैवाहिक वर्षगांठ विशेष_
आज उस जोड़े के नाम एक लेख, जिन्होंने 31 साल पहले एक साथ चलने का वादा किया था और आज भी उसी मुस्कान, उसी भरोसे के साथ एक-दूसरे का हाथ थामे हुए हैं।
*31 साल – मोती की शादी*
शादी की हर सालगिरह का अपना एक नाम और महत्व होता है। 31वीं वर्षगांठ को “मोती वर्षगांठ” कहा जाता है। मोती जैसे सीप के अंदर सालों की मेहनत से बनता है, वैसे ही 31 साल का रिश्ता भी प्यार, त्याग, झगड़े, समझौते और अटूट विश्वास से मिलकर बना है।
*संतोष और नयन – नाम ही काफी है*
*संतोष* – नाम में ही संतुष्टि है। घर की जिम्मेदारियों को हँसते-हँसते निभाने वाले।
*नयन* – जिनकी आँखों में घर के लिए सपने और परिवार के लिए ममता बसी है।
पिछले 31 सालों में आप दोनों ने एक-दूसरे के सुख-दुख को आधा-आधा बांटा। बच्चों को संस्कार दिए, रिश्तों को मान दिया और समाज में एक आदर्श परिवार की मिसाल कायम की।
*3 दशक की सीख*
31 साल में एक रिश्ता क्या-क्या सीख जाता है:
1. *साथ* – अच्छे दिन में जश्न और बुरे दिन में ढाल बनना
2. *विश्वास* – एक नज़र में सब समझ जाना
3. *सम्मान* – एक-दूसरे की राय की कद्र करना
4. *प्रेम* – जो उम्र के साथ कम नहीं, बल्कि और गहरा होता गया
*परिवार के लिए प्रेरणा*
आप दोनों का साथ आने वाली पीढ़ी के लिए एक पाठशाला है। कि शादी सिर्फ 7 फेरे नहीं, बल्कि हर दिन एक-दूसरे को चुनने का नाम है।
आज इस खास मौके पर हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि आप दोनों का प्यार ऐसे ही बना रहे। आपकी जोड़ी को नजर न लगे। आने वाले 31 साल भी इसी तरह हँसी-खुशी, सेहत और समृद्धि के साथ बीतें।
*वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!*
_ईश्वर आप दोनों को शतायु करे और आपका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे।_
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लेख – अभिनाश कुमार

