सख्त कार्रवाई करने वाले अफसर का अचानक तबादला चर्चा में..!
✍️ अमूल्यरत्न न्यूज राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका
स्थानीय संवाददाता……
जनपद के पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन तिवारी का अचानक तबादला कर उन्हें डीजीपी मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। महज करीब 7 महीने पहले, 18 सितंबर 2025 को उन्होंने देवरिया की कमान संभाली थी।
इतने कम समय में उनकी कार्यशैली और सख्त निर्णयों ने जिले में कानून- व्यवस्था को लेकर अलग पहचान बनाई।
👉संजीव सुमन तिवारी पुत्र माहेश्वर तिवारी जो मूलतः खगड़िया, बिहार के रहने वाले है।
सामान्य परिवार से निकलकर कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और कड़ी मेहनत से UPSC पास कर 2014 बैच के IPS बने। युवाओं के लिए उनके संघर्ष औऱ कार्य प्रेरणादायक है।
🔷आप को बता दे कि उनकी पत्नी पूजा यादव(ips) इस समय 45 वीं बटालियन PAC अलीगढ़ में तैनात हैं।
सूत्रों के अनुसार, संजीव सुमन अपनी पत्नी के नजदीक किसी जिले में पोस्टिंग चाहते थे।
लेकिन अचानक हुए इस तबादले के पीछे कुछ शिकायतों की भी चर्चा सामने आ रही है।
♦एसपी रहते हुए संजीव सुमन ने कई बड़े मामलों में खुलासा कर जिले में मजबूत पुलिसिंग का संदेश दिया जिसमें,
👉करीब 60 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा।
👉नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश।
👉गौ तस्करी पर कड़ी कार्रवाई, कई थाना प्रभारियों को निलंबित किया।
👉 पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर हो रहे रिश्वतखोरी पर कार्रवाई।
👉गड़बड़ी मिलने पर पूरी SOG टीम तक को हटा दिया।
👉एसपी कार्यालय में तैनात स्टेनो व पुलिस कर्मी पर भी धोखाधड़ी व पैसे लेने के आरोप में कार्रवाई, जेल भेज दिए।
👉करोड़ों की हुई चोरी का खुलासा किया।
👉पुलिस विभाग की शिकायत मिलते ही तत्काल जांच करा कर सस्पेंड समेत लाइन हाजिर किया।
👉 एक साथ कई स्पा सेंटरों पर छापेमरी, संचालक स्टाप समेत 11लोगो पर FIR दर्ज की कार्यवाई।
👉मजार जैसे संवेदनशील मामलों में (लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल) करना, ऐसे तमाम मामले देखे गए।
♦क्या सिस्टम से टकराव बना वजह.?
संजीव सुमन तिवारी की कार्यशैली बेहद सख्त और पारदर्शी मानी जाती रही है।
छोटे से छोटे मामलों पर नजर रखने और सीधे कार्रवाई करने के कारण वे आम जनता के बीच लोकप्रिय हुए।
लेकिन माना जा रहा है कि उनकी यही कार्यशैली सिस्टम और कुछ प्रभावशाली लोगों को रास नहीं आई।
एक ओर जहां उनकी उपलब्धियों की चर्चा हो रही है।
वहीं इतने कम समय में इस तरह हटाए जाने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
आम लोगों के बीच यह चर्चा है कि क्या एक ईमानदार और सक्रिय अधिकारी को इसी तरह हटाना उचित है?
✍️ फिलहाल, आधिकारिक रूप से हुए तबादले के पीछे स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
वही बार्डर एरिये में तैनात कई थाना प्रभारी एसपी की कार्यशैली को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़े।
लेकिन देवरिया में उनकी कार्यशैली और कार्रवाई लंबे समय तक याद की जाएगी।

