गोसदन मधवलिया में डीएम का सख्त एक्शन: जर्जर भवन गिराने के निर्देश, गोबर गैस प्लांट मरम्मत में देरी पर नाराजगी
*निरीक्षण के दौरान 739 गोवंश की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, वर्मी कंपोस्ट व गोकाष्ठ को बाजार से जोड़ने पर जोर* 
महराजगंज, 11 अप्रैल 2026।
जिलाधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री महेंद्र कुमार सिंह के साथ गोसदन मधवलिया का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट इकाई, गोबर गैस प्लांट, हरे चारे सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गोबर गैस प्लांट की मरम्मत अब तक न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और जल निगम के सहायक अभियंता को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में मौजूद जर्जर भवन को ध्वस्त कराने के निर्देश देते हुए किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने अप्रयुक्त शेडों की मरम्मत कर उनमें अधिक से अधिक गोवंश संरक्षित करने तथा गोसदन को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोवंशों की संख्या की जानकारी लेते हुए उनके समुचित देखभाल और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष जोर दिया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोसदन में कुल 739 गोवंश मौजूद हैं, जिनमें 559 नंदी एवं 180 गाय शामिल हैं। पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध है, जिसमें 236.08 कुंतल भूसा, 44.28 कुंतल चोकर, 70.15 कुंतल पशु आहार एवं 249.90 कुंतल साइलेज शामिल है। इसके अलावा गोसदन की भूमि पर 242 एकड़ में बाजरा, 2 एकड़ में नेपियर घास और 0.5 एकड़ में जई की खेती कर हरा चारा तैयार किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान एक बीमार गोवंश के उपचार की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने पशुओं की नियमित जांच और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गोसदन परिसर में फलदार वृक्ष लगाने का निर्देश देते हुए इसे अतिरिक्त आय का स्रोत बनाने पर बल दिया। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के संबंध में बीडीओ निचलौल ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इसका उत्पादन एवं बिक्री कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट की बिक्री के लिए बेहतर मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने और उचित प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही गोबर से बने गोकाष्ठ को अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों में उपयोग हेतु कार्ययोजना बनाने को कहा।
उन्होंने कहा कि गोसदन को आत्मनिर्भर एवं मॉडल गोसदन के रूप में विकसित करने की पूरी संभावना है, जिसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंशों को गुड़, केला और चना खिलाकर उनका स्नेहपूर्वक हाल जाना।
इस अवसर पर डीडीओ श्री बी.एन. कन्नौजिया, परियोजना निदेशक श्री आर.डी. चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज़ अहमद, बीडीओ निचलौल सुश्री शमा सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

